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महबूबा मुफ्ती के खिलाफ वित्त मंत्री की पत्नी ने खोला मोर्चा, कहा गद्दी छोड़ें

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
(फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के खिलाफ उन्हीं की सरकार के वित्त मंत्री हसीब द्रबू की पत्‍नी रूही नाज्‍की ने मोर्चा खोल दिया है. रूही नाज्‍की ने शुक्रवार को कहा कि महबूबा मुफ्ती को पद छोड़ देना चाहिए.

उन्‍होंने महबूबा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "बच्‍चों की नृशंस हत्‍या, प्रदर्शनकारियों पर आपराधिक कार्रवाई और उन्हें अपंग करने के साथ पूरी आबादी को शर्मनाक रूप से बंद कर देना गलत है." साथ ही नाज्‍की ने प्रदर्शनकारियों पर सरकार की कार्रवाई को ‘अनैतिक, अधर्म, दुखद और गलत’ भी बताया.

नाज्‍की टाटा एग्‍जीक्‍यूटिव रह चुकी हैं और हाल ही में उन्‍होंने श्रीनगर में टी हाउस शुरू किया है. इसी साल की शुरुआत में मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उनके टी हाउस चाय जय का उद्घाटन किया था.

रूही नाज्‍की शिक्षा मंत्री व पीडीपी नेता नईम अख्‍तर, राजस्‍व मंत्री बशरत बुखारी और इंस्‍पेक्‍टर जनरल ऑफ पुलिस सैयद जावेद मुज्‍तबा गिलानी की कजिन भी हैं.

रूही के मुताबिक, "यह अनैतिक, अधर्म, दुखद और गलत है. कश्‍मीर में पिछले 14 दिन से जो कुछ हो रहा है वह बहुत बुरा है. बच्‍चों की नृशंस हत्‍या, प्रदर्शनों पर आपराधिक कार्रवाई व अपंग करना और पूरी आबादी को शर्मनाक रूप से बंद कर देना गलत है. पिछले दो दशक से ऐसा हो रहा है तो भी यह गलत है. यह गलत है अगर गई सारी एजेंसियां मिलकर कश्‍मीर को जलाना चाहती हैं."

उन्होंने कहा, "हमारे देश के सुरक्षाबलों के हाथों कश्‍मीर के बच्‍चे मारे जा रहे हैं. उनके जवां शरीरों में पैलेट कौन उड़ेल रहा है. एक लोकतांत्रिक देश में पूरी आबादी को कई दिनों तक बंधक बना लिया जाता है, वो भी बिना जरूरी सुविधाओं, फोन और अखबारों के और यह सब लोकप्रिय रूप से चुनी गई सरकार के आंखों के सामने हो रहा है.

जिनके पास ताकत है उन्‍हें या तो आगे आना होगा या फिर उन्‍हें पद छोड़ देना चाहिए. मुझे लगता है कि उन्‍हें पद छोड़ देना चाहिए. हमारी आने वाली नस्‍लों के भरोसे को जिंदा रखना सबसे जरूरी है, ताकि वे सच का चेहरा देख सकें."

रूही ने महबूबा के बारे में कहा, "उन्‍हें तो पद छोड़ देना चाहिए, ताकि हम समझ सकें कि हरेक चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार सत्‍ता में आने के बाद जवाब न दे सकने वाला पत्‍थर न बन जाए.

कश्‍मीर की प्रत्‍येक नई सरकार पहले की तरह न बने. उनके पद से हटने से हो सकता है कि अन्‍याय न रुके. लेकिन असल मुद्दा यह नहीं है. असल मुद्दा है उनका विरोध करना. जो चलता आ रहा है उस गलत काम में भागीदार मत बनो. जमीर को जिंदा रखने के लिए, न्‍याय नहीं तो सच को बनाए रखने के लिए."

First published: 23 July 2016, 12:51 IST
 
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