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शहीद औरंगजेब के पिता बोले- मेरा बेटा मर गया लेकिन अपने बच्चों को आर्मी में भेजना बंद मत करना'

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2018, 11:17 IST

कश्मीर के पुलवामा जिले से आतंकियों द्वारा अगवा कर सेना के जवान औरंगजेब की हत्या के बाद अब शहीद के पिता ने केंद्र सरकार से गुहार लगाते हुए अल्टिमेटम भी दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार आतंकियों को मारकर बेटे की शहादत का बदला ले वरना वह खुद बदला लेंगे. साथ ही शहीद के पिता हनीफ ने देश वासियों से अपने बेटों को सेना में भेजने की गुहार लगाई है.

उन्होंने कहा " मेरा बेटा शहीद हो गया है लेकिन अगर लोग अपने बेटों को अार्मी मेंं भेजना बंद कर देंगे तो देश के लिए कौन लड़ेगा? " साथ ही उन्होंने ने यह भी कहा "मौत तो एक दिन तो आनी ही है. मैंने उसे देश की सेवा के लिए आर्मी में भेजा था. एक जवान का काम या तो मारना है या मारना है." 

इसके अलावा शहीद के पिता ने मोदी सरकार से कहा है, 'मैं मोदी सरकार को 72 घंटे का वक्त देता हूं. अगर उन्होंने मेरे बेटे के कातिलों को 72 घंटे के अंदर नहीं मारा, तो मैं खुद बदला लूंगा.' बता दें कि शहीद औरंगजेब के पिता हनीफ खुद सेना में रह चुके हैं. जो बेटे की हत्या के बाद क्रोधित हैं. वह सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सरकार उन आंतकियों को मार गिराये. साथ ही उनका गुस्सा इस कदर है कि वो खुद भी आंतकियों से लोहा लेने को तैयार हैं.

बता दें, जम्मू-कश्मीर के पुलमावा से आतंकियों ने भारतीय सेना के एक जवान औरंगजेब का अपहरण कर लिया और फिर उनकी बरबरता से आतंकियों ने हत्या कर दी. पुलिस ने बताया था कि वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे. इसी बीच आतंकियों ने उन्हें अगवा कर अपनी गंदी साजिश को अंजाम दिया. वहीं उनकी हत्या के बाद उनके गांव पुंछ में मातम पसरा हुआ है.

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औरंगजेब 44वे राष्ट्रीय रायफल के जवान थे. इसके साथ वे इस साल अप्रैल महीने में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में शामिल थे. जिसमें दो आतंकियों को ढेर किया था. जिसमें हिज्बुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर समीर टाइगर भी शामिल था. समीर टाइगर 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था. वह पुलवामा का रहने वाला था और हिज्बुल के कई हमलों में शामिल हो चुका था.

First published: 16 June 2018, 11:17 IST
 
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