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जयपुर: 12 दिन में 11 मासूमों की मौत से हड़कंप

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2016, 21:22 IST

राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसिक विकलांग केंद्र में पिछले 12 दिनों के दौरान 11 मासूमों की मौत का मामला सामने आया है. तीन बच्चे अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.

एक के बाद एक हो रही मौतों पर स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जवाब नहीं है. जिन 11 मासूमों की मौत हुई है, उनमें से अकेले जेके लोन अस्पताल में सात बच्चों ने दम तोड़ा है.

बताया जा रहा है कि गंदे पानी की वजह से इंफेक्शन होने से बच्चों की मौत हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ बच्चों की मौतें पिछले बारह दिनों के अंदर हुई हैं. 

सरकार ने बनाई जांच कमेटी


इस मामले में सरकार ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई है, जो बच्चों की मौत की वजह का पता लगाएगी. जयपुर शहर से 18 किलोमीटर दूर इस मानसिक विमंदित और महिला एवं बाल पुनर्वास केंद्र में 200 लोगों को रखा जाता है. 

कथित तौर पर गंदा पानी पीने के बाद सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अशोक गुप्ता के मुताबिक सभी बच्चों को उल्टी-दस्त हो रहे थे और पानी की कमी थी. कुछ बच्चों का ब्लड प्रेशर कम था. डॉक्टर गुप्ता का कहना है कि बैक्टीरिया से हुई बीमारी की वजह से सेप्टिक शॉक की आशंका है.

बताया जा रहा है कि पहला मामला 18 अप्रैल को सामने आया, जब जेके लोन अस्पताल में उल्टी-दस्त और पानी की कमी की शिकायत पर इन बच्चों को भर्ती कराया गया.

जेके लोन अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि किसी जीवाणु (बैक्टीरिया) के संक्रमण की वजह से पुनर्वास केन्द्र के बच्चे बीमार हुए हैं. अस्पताल में अभी तीन बच्चों का गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज चल रहा है. 

मंत्री अरुण चतुर्वेदी का दौरा


बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस बीच सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी और सरकारी अधिकारियों के अलावा डॉक्टरों ने भी जामडोली स्थित पुनर्वास केन्द्र का दौरा किया है.

अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि इतनी बडी संख्या में बच्चों की मौत के मामले में किसकी लापरवाही रही है. जामडोली स्थित पुनर्वास केन्द्र से जांच के लिए पानी के सैंपल लिए गए हैं.

सैम्पल्स को लैब में भेजकर जांच कराई जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद ही साफ़ हो पाएगा कि बच्चों की लगातार हो है मौतों की वजह दूषित पानी है या कुछ और. 

पानी-खाने की सैंपल जांच


वहीं विमंदित गृह (पुनर्वास केंद्र) की अधीक्षक अनिता चौधरी का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती, कुछ भी कहना मुश्किल है. तबीयत बिगडऩे पर यहां के डॉक्टरों ने बच्चों को जेके लोन और एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया था.

विमंदित गृह की अधीक्षक के मुताबिक पानी और खाने की सैंपल जांच हो रही है.

वहीं विमंदित गृह में कार्यरत डॉक्टर नूपुर का कहना है, "मैं करीब 13 साल से इस गृह में बच्चों का प्राथमिक इलाज कर रही हूं, ऐसा पहली बार हुआ है. मेडिकल रिपार्ट आना बाकी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज शाम या कल तक मिल जाएगी."

First published: 29 April 2016, 21:22 IST
 
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