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जब दिल्ली में खुलेआम घूमता था आतंकी मसूद अज़हर, रुकता था दिल्ली के इन होटलों में

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 March 2019, 11:22 IST

पुलवामा के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर पांच साल भारत की कैद में रहा. उसे 1994 में गिरफ्तार किया गया था और 1999 में उसे इंडियन एयरलाइन्स के विमान को छुड़ाने के बदले रिहा करना पड़ा. उस दौरान पूछताछ में मसूद अज़हर ने कई चौकाने किये. उसने कहा था कि 26/11 के अपराधी डेविड कोलमैन हेडली की तरह वह भी बिना किसी डर के भारत में घूमता रहा है. हेडली की तरह आईजीआई से बाहर निकलने पर वह अशोका होटल में रुकता था, यह होटल भारत के राजनयिक समुदाय द्वारा पसंद किया जाता है.

इसी तरह हेडली मुंबई ताज में रहा था और 26/11 के सभी स्थानों के लिए जीपीएस निर्देश उसने हासिल किये. जैश सरगना 1994 में एक पुर्तगाली पासपोर्ट पर भारत पहुंचा. अगले 15 दिनों में वह होटल जनपथ, फिर करोल बाग में रहा और सहारनपुर और लखनऊ में दारुल-उलूम देवबंद का उसने दौरा किया था.

रिपोर्ट कहती है- मसूद अजहर ढाका से पहुंचा और जब उससे सवाल किया गया कि वह पुर्तगाली की तरह नहीं दीखता, उसने दावा किया कि वह जन्म से एक गुजराती था. उसने कहा “मैंने ढाका में दो दिन बिताए और उसके बाद बांग्लादेश एयरलाइंस (बिमान) से दिल्ली की यात्रा की, 29 जनवरी, 1994 की तड़के वह आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा''.

इसी तरह IGI के आव्रजन अधिकारियों ने भी मसूद से सवाल किया था कि वह पुर्तगाली की तरह नहीं दिखता , लेकिन जब मैंने उत्तर दिया कि मैं जन्म से एक गुजराती था, और उसके बाद अधिकारियों ने पासपोर्ट में मुहर लगाने में देरी नहीं की. मसूद अज़हर ने कहा ''मैंने एक टैक्सी किराए पर ली और एक अच्छे होटल के लिए (ड्राइवर) पूछा. वह मुझे चाणक्यपुरी के अशोक होटल में ले जाया गया जहां मैं रुका था.”

सहारनपुर में अजहर कथित तौर पर तब्लीग-उल-जमात की एक मस्जिद में रात के लिए रुका था और उसने अपनी असली पहचान उजागर नहीं की थी. 31 जनवरी, 1994 को जलालाबाद में मौलाना मसिर-उल -उल्ला खान के खान के रात भर रुकने के बाद वे उसी कार से दिल्ली लौट आए. इस बार वह कनॉट प्लेस के पास स्थित होटल जनपथ में रुका.

उसने 9 फरवरी को श्रीनगर के लिए उड़ान भरी, लेकिन इससे पहले, लखनऊ में मौलाना अबू हसन नदवी उर्फ अली मियां का दौरा करने का फैसला किया. वह इस व्यक्ति के साथ अपनी कोशिश में असमर्थ, वह एक बार फिर दिल्ली लौट आया लेकिन करोल बाग में होटल शीश महल में रहा. दिल्ली के सभी होटलों में, अजहर ने पुर्तगाली राष्ट्रीय वली एडम इस्सा की पहचान में अपना नाम दर्ज कराया. मसूद अज़हर ने "दिल्ली में 8 फरवरी 1994 को कहा मैंने निजामुद्दीन में तब्लीग-उल-जमात के केंद्र का दौरा किया, लेकिन किसी व्यक्ति विशेष से नहीं मिला''.

 

First published: 15 March 2019, 11:12 IST
 
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