Home » इंडिया » Jaish-e-Mohammad Module Busted, IEDs recovered by special cell of Delhi Police
 

दिल्ली में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क का भंडाफोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 May 2016, 18:04 IST

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश की राजधानी में पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने जैश के तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है.

स्पेशल सेल के डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद सिंह कुशवाहा और एडिशनल डीसीपी मनीषी चंद्र के नेतृत्व में इंस्पेक्टर ललित मोहन नेगी, ह़दय भूषण, चंद्रिका प्रसाद और सतीश राणा ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया.

पकड़े गए तीन संदिग्धों में साजिद दिल्ली के चांद बाग, समीर अहमद उर्फ सोनू लोनी, गाजियाबाद और शाकिर अंसारी, यूपी के देवबंद का रहने वाला है.

दिल्ली में धमाकों की साजिश !


पूछताछ में सामने आया है कि ऑनलाइन वीडियो और साहित्य के जरिए वो जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा से प्रभावित थे. आईईडी का इस्तेमाल दिल्ली और एनसीआर में कई संवेदनशील जगहों पर विस्फोट के लिए होना था.

खुफिया जानकारी के बाद दिल्ली में कई जगहों पर मंगलवार देर रात स्पेशल सेल ने छापा मारा. चांदबाग इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पकड़े गए संदिग्ध से आईईडी (तात्कालिक विस्फोटक उपकरण) बरामद हुआ है.

यूएपीए के तहत केस दर्ज


यहां विस्फोटक के कारखाने का भी पता चला है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक यहीं पर विस्फोटकों की असेंबलिंग होती थी. एक जिंदा आईईडी, एक क्षतिग्रस्त आईईडी और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ है.

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने वाला कानून) के तहत केस दर्ज किया है. लंबे अरसे से पुलिस को जैश-ए-मोहम्मद के इस नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं. 

पढ़ें:जैश-ए-मोहम्मद के 13 संदिग्धों को दिल्ली पुलिस ने दबोचा

अपने सूत्रों और तकनीकी सर्विलांस से पुलिस ने नेटवर्क का खुलासा करने में कामयाबी हासिल की है. मार्च 2016 में ग्रुप के कट्टर सदस्यों के बारे में पता चला कि वो दिल्ली और एनसीआर इलाके से दूसरे हिस्सों में जाते हैं.

ये भी सामने आया कि ग्रुप के सदस्य देर रात तक बैठकें किया करते थे. उनकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर थी. कई स्थानीय मार्केट में उनकी संदिग्ध आवाजाही थी.

अप्रैल में अंतिम दौर में ऑपरेशन


18 अप्रैल 2016 को पुलिस का ऑपरेशन अंतिम दौर में पहुंच गया. जब पुलिस को पता चला कि ग्रुप के कट्टरपंथी सदस्य पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के निर्देश में काम कर रहे हैं.

तीन मई को दोपहर में सूत्रों से जानकारी मिली थी कि पकड़ा गया साजिद नाम का शख्स आईईडी बनाते वक्त जख्मी हो गया है. उसकी बाईं हथेली पर चोट के निशान मिले हैं.

आईईडी बनाते वक्त जख्मी


पता चला कि जब साजिद आईईडी बना रहा था इसी दौरान वो जल गया. जिसके बाद चांदबाग इलाके के गली नंबर तीन में पुलिस ने छापा मारा. पूछताछ में उसने जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों की बात मानी है.

साजिद के घर के ग्राउंड फ्लोर पर विस्फोटक बनाने का कारखाना भी मिला है. स्थानीय पुलिस के अलावा बम निरोधक दस्ते और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया.

साजिद की निशानदेही पर उसके सहयोगी समीर को गाजियाबाद के लोनी और शाकिर को सहारनपुर के देवबंद से गिरफ्तार किया गया.


First published: 4 May 2016, 18:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी