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जामिया मिल्लिया ने अतीत भुला दिया है, क्या नरेंद्र मोदी अपना दिल बड़ा करेंगे?

चारू कार्तिकेय | Updated on: 3 December 2015, 14:00 IST

दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने इस साल अपने दीक्षांत समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता दिया है. विश्वविद्यालय को अभी प्रधानमंत्री दफ़्तर से कोई जवाब नहीं मिला है.

अतीत में नरेंद्र मोदी की विश्वविद्यालय पर की गई एक तल्ख टिप्पणी के कारण सबकी नज़र प्रधानमंत्री पर हैं कि वो ये निमंत्रण स्वीकार करेंगे या नहीं.

मामला साल 2008 का है. सितंबर 2008 में जामिया मिल्लिया के पड़ोस में स्थित बटला हाउस में दिल्ली पुलिस और कथित आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ दो संदिग्ध और एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई थी.

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में जामिया के दो छात्रों को गिरफ्तार भी किया था. उस वक्त जामिया की आलोचना करने वालों में नरेंद्र मोदी भी शामिल थे.

छात्रों की गिरफ्तारी पर तत्कालीन वाइस चांसलर मुशीरुल हसन ने कहा था कि विश्वविद्यालय अपने दो छात्रों के लिए कानूनी सहायता देगा जिन्हें आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. उन्होंने हसन के बयान की निंदा करते हुए ''डूब मरो-डूब मरो'' जैसा बयान दिया था.

मोदी ने अपने सार्वजनिक बयान में यह भी कहा था कि अगर दिल्ली में मजबूत सरकार होती तो वाइस चांसलर को बर्खास्त कर दिया जाता.

नरेंद्र मोदी को बुलाने के फ़ैसले पर फ़िलहाल जामिया मिल्लिया के वाइस चांसलर तलत महमूद ने कहा है कि जामिया ने अतीत को दफनाकर आगे बढ़ने का फैसला किया है.

उन्होंने मीडिया को बताया, 'हम पीएम की ओर से आमंत्रण को मंजूरी दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं. दीक्षांत समारोह के आयोजन का समय पीएम की ओर से मंजूरी मिलने के बाद तय किया जाएगा.'

First published: 3 December 2015, 14:00 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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