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आतंकवाद पर मोदी सरकार का बड़ा प्रहार, जमात-ए-इस्लामी के 70 ठिकाने सील, कई नेता हिरासत में

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 March 2019, 13:10 IST

मोदी सरकार ने आतंकवाद पर बड़ा प्रहार करते हुए जम्मू-कश्मीर में चल रहे अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने कई इलाकों में चल रहे जमात-ए-इस्लामी के 70 से ज्यादा संगठनों को बैन कर दिया है. इसके अलावा इसके कई नेेताओं को हिरासत में ले लिया है. 

गृह मंत्रालय ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के बाद यह फैसला लिया है. जम्मू और कश्मीर में उसकी जुटाई गई 52 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की संपत्‍त‍ि भी सीलकर 70 से ज्‍यादा परिसरों की पहचान की गई है. UAPA प्रॉपर्टी और एसेट्स प्रोविजन के तहत संपत्ति सील की कार्रवाई की जा रही है. 

माना जाता है कि जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में बड़े स्तर पर फंडिंग करता है. जमात-ए-इस्लामी के कई संस्‍थाओं की पहचान की गई है. इसमें शैक्षणिक संस्‍थाएं, दफ्तर, स्‍कूल शामिल हैं.

बता दें कि जमात-ए-इस्लामी का गठन आजादी से पहले साल 1941 में गठन किया गया. इसका गठन इस्लामी धर्मशास्त्री मौलाना अबुल अला मौदुदी ने किया था. यह इस्लाम की विचारधारा को लेकर काम करता था. आजादी के बाद यह कई अलग-अलग संगठनों में बंट गया. इसमें जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान और जमात-ए-इस्लामी हिंद शामिल है.

इसके अलावा इससे प्रभावित होकर कई और संगठन भी बने. इसमें जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश, कश्मीर, ब्रिटेन और अफगानिस्तान आदि प्रमुख हैं. जमात-ए-इस्लामी पार्टियां अन्य मुस्लिम समूहों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंध बनाए रखती हैं.

भारत सरकार ने इससे पहले भी दो बार जमात-ए-इस्लामी संगठन को प्रतिबंधित किया है. पहली बार जम्मू- कश्मीर सरकार ने इस संगठन को 1975 में दो साल के लिए बैन किया था. दूसरी बार केंद्र सरकार ने 1990 में इसे प्रतिबंधित किया. जो दिसंबर 1993 तक जारी रहा.

First published: 2 March 2019, 13:10 IST
 
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