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पीएम मोदी से सीधे आश्वासन चाहती हैं महूबबा मुफ्ती

समीर चौगांवकर | Updated on: 10 February 2016, 15:23 IST

भाजपा के साथ गठबंधन को अपने पिता स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद का एक अलोकप्रिय फैसला कह चुकी पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती अब सीधे नरेंद्र मोदी से आश्वासन चाहती हैं. पीडीपी और भाजपा के बीच बने एजेंडा आफ एलायंस को लेकर वे भाजपा संगठन के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आश्वासन चाहती हैं. इसकी वजह उनके वक्तव्यों से ही साफ है.

महबूबा एक तरफ घाटी में उनकी पार्टी की घटती लोकप्रियता से परेशान हैं, तो दूसरी ओर अब वह भाजपा पर सरकार बनाने के सियासी दवाब को भी भुनाना चाहती हैं.

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एजेंडा आफ एलायंस को सख्ती से लागू करने की बात बार-बार कहने के पीछे उनका इशारा सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम हटाने, अलगाववादियों को शांति प्रक्रिया में शामिल करने या बाढ़ पुनरुद्धार के नाम पर भारी भरकम पैकेज जैसी किसी बड़ी घोषणा की ओर है.

दूसरी तरफ भाजपा ऐसा कोई कदम उठाने की स्थिति में नहीं जिससे वह कश्मीर या पाकिस्तान जैसे किसी मुद्दे पर राष्ट्रीय राजनीति में कमजोर दिखे. उसके सामने बजट सत्र को सुचारू चलाने की तात्कालिक मजबूरी के साथ उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में चुनाव की चुनौतियां रूबरू हैं.

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इसके अलावा भाजपा एजेंडा फार अलायंस पर तो आगे बढ़ना चाहती है लेकिन पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह के स्तर पर कोई नया दरवाजा नहीं खोलना चाहती.

दोनों दलों की यह सियासी मजबूरियां ही जम्मू कश्मीर सरकार गठन के रास्ते में एक महीने से रोड़ा बनी हुई है.

महबूबा से मिलेंगे राम माधव

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) नहीं चाहता कि हद से ज्यादा समझौता करके भाजपा पूरे देश में अपनी छवि को खराब करे. आरएसएस जम्मू कश्मीर को लेकर अपने एजेंडे पर आगे बढ़ेगा. गतिरोध पर भाजपा महासचिव राम माधव अगले हफ्ते पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करेंगे.

महबूबा की मांग

महबूबा पीएम मोदी से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम , 80 हजार करोड़ के पैकेज को जल्द जारी करने, पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों की नागरिकता, हुर्रियत नेताओं को शांति प्रक्रिया में शामिल करने, सीमा पर नरमी, एलओसी के आरपास नि:शुल्क यात्रा व व्यापार, पीओके के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान प्रदान, पावर प्रोजेक्ट्स, स्मार्ट सिटी के आवंटन, सेना द्वारा फायरिंग रेंज खाली किए जाने और धारा 370 को बनाए रखने पर आश्वासन चाहती हैं.

First published: 10 February 2016, 15:23 IST
 
समीर चौगांवकर @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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