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जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी बोले, अनुच्छेद 370 के विरोध की खबरें हैं पूरी तरह झूठी

न्यूज एजेंसी | Updated on: 11 August 2019, 15:07 IST

जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने घाटी में गोलीबारी की घटनाओं से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को शनिवार को सिरे से नकार दिया. पुलिस प्रशासन ने साथ ही लोगों से किसी भी तरह की 'शरारती और भड़काऊ खबरों' पर विश्वास नहीं करने का आग्रह किया है. जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एक वीडियो में कहा, "पुलिस ने बीते छह दिनों में अब तक एक भी गोली नहीं चलाई है. लोगों को घाटी में गोलीबारी की घटनाओं से संबंधित किसी भी शरारती और भड़काऊ खबर पर विश्वास नहीं करना चाहिए."

दिलबाग सिंह ने यह भी बताया कि जम्मू के 10 जिलों से निषेधाज्ञा हटा दी गई है. दिलबाग सिंह ने कहा, "जम्मू में 10 जिलों में किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है. जम्मू के केवल पांच शहरों में ही प्रतिबंध है. धीरे-धीरे उन्हें भी हटा दिया जाएगा."

 

वहीं, एक अन्य वीडियो में कश्मीर के महानिरीक्षक (आईजी) एसपी पानी कहते दिखे, "घाटी में गोलीबारी की घटना से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के बारे में स्पष्ट किया जाता है कि ये रिपोर्ट्स गलत हैं.

उन्होंने वीडियो में आगे कहा, "घाटी में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है. पिछले एक सप्ताह से घाटी में काफी हद तक शांत बनी हुई है. हम मीडिया एजेंसियों की जिम्मेदारी से कार्य करने के लिए सराहना करेंगे."

जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस इम्तियाज हुसैन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें लाल चौक, डल झील क्षेत्र, बटमालू, जहांगीर चौक, गांदेरबल, बारामूला और पुलवामा क्षेत्र नजर आ रहे हैं. वीडियो में कई दुकानें बंद नजर आ रही हैं, वहीं कई लोग सड़कों पर अपने दैनिक कार्यो के लिए आते-जाते दिख रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में लागू भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370(जो जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देता है) को रद्द करने की घोषणा करने से कुछ घंटे पहले घाटी में प्रतिबंध लगाए गए थे.

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First published: 11 August 2019, 15:07 IST
 
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