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जम्मू-कश्मीर: धारा 35A पर SC में सुनवाई के विरोध में घाटी बंद, क्या हट जाएगा कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा?

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2018, 7:55 IST

गौरतलब है कि दिल्ली के "We the Citizens" नाम के एक एनजीओ ने राज्य के विशेष नागरिकता कानून - 35-A को एक याचिका दायर करके सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. एनजीओ ने मांग की है की घाटी से इस राज्य के विशेष नागरिकता कानून को हटा दिया जाए.

वहीं इस याचिका पर होने वाली सुनवाई का विरोध कर रहे लोगों का मानना है कि अगर इस नागरिकता कानून को तोड़ा गया तो इसी के साथ धारा 370 भी समाप्त हो जाएगी. इसके बाद भारत और जम्मू कश्मीर के बीच हुआ विलय भी इसी के साथ ही खत्म हो जाएगा. इस विरोध के चलते जम्मू कश्मीर के राजयपाल एनएन वोहरा ने केंद्र से अनुरोध किया है कि इस सुनवाई को टाल दिया जाए.

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क्या है राज्य को विशेष नागरिकता धारा 35A

धारा 35A, 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पारित किया था. इस धारा के लागू होने से भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद 35A जोड़ दिया गया. जम्मू कश्मीर का संविधान 1956 में बना. धारा 35A में राज्य की स्थाई नागरिकता की परिभाषा दी गई है. इसके अनुसार 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो वो इस राज्य का नागरिक माना जाएगा. साथ ही उसने वहां कुछ संपत्ति बनाई हो.

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First published: 5 August 2018, 7:55 IST
 
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