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हरियाणा: जाट आंदोलन का दूसरा दिन, एक चौथाई दिल्ली में धारा 144

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 June 2016, 10:49 IST
(पीटीआई)

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाट आंदोलन का आज दूसरा दिन है. इस बीच हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर समेत दिल्ली के कई इलाकों में भी धारा 144 लागू की गई है. हरियाणा के 15 जिलों के 15 गांवों में जाट समुदाय के लोग धरने पर बैठे हैं. 

पले दिन धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के बाद सरकार और प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है. इस बार जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने शहरों की बजाय गांवों में ही धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. साथ ही रेल और सड़क मार्ग पर धरना नहीं देने का आश्वासन दिया गया है.

जाट समुदाय का धरना प्रदर्शन 15 दिन तक चलेगा. इस बीच राज्य सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो फिर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है. राज्य के आठ जिलों झज्जर, सोनीपत, रोहतक, पानीपत, हिसार, जींद, फतेहाबाद और कैथल में धारा 144 लागू है.

अर्ध सैनिक बल की 55 टुकड़ियां

हरियाणा पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की 55 टुकड़ियां राज्य में तैनात की गई हैं. रोहतक और सोनीपत में मोबाइल इंटरनेट सेवा और एक साथ कई एसएमएस भेजने की सुविधा पर पाबंदी है.

राज्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल लाइन के दोनों तरफ़ एक किलोमीटर तक धारा 144 लागू है. हरियाणा में जाट आंदोलन को देखते हुए हरियाणा से लगने वाले दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में एहतियातन आज से धारा 144 लगाई गई है.

दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली की कई कॉलोनियां हरियाणा की सीमा से सटी हुई हैं, इन सभी इलाक़ों में आज से धारा 144 लागू है. दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.

एक चौथाई दिल्ली में निषेधाज्ञा

फरवरी में जाट आंदोलन के दौरान दिल्ली के मुखर्जी नगर और नज़फ़गढ़ इलाक़े में भी प्रदर्शन हुआ था, जिसके मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने इस बार यह फैसला लिया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक शहर के एक चौथाई से ज्यादा इलाके में धारा 144 लागू की गई है.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि धारा 144, पांच पुलिस सब डिवीजनों, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका और नजफगढ़, बाहरी दिल्ली के अलीपुर और बवाना के साथ उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर में लागू होगी.

इन पांच सब डिवीजनों के तहत कुल 15 थाना इलाके आते हैं. ज्यादातर जिन क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाई गई है, वो या तो हरियाणा से लगे सीमावर्ती इलाके हैं, या वहां जाट समुदाय के लोग बड़ी तादाद में रहते हैं. इन इलाकों में जाट आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन होने की आशंका है.

First published: 6 June 2016, 10:49 IST
 
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