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आरक्षण की समयसीमा समाप्त: हरियाणा के कई जिलों में अर्धसैनिक बल तैनात

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 March 2016, 20:43 IST

हरियाणा में जाटों के द्वारा आरक्षण की मांग पर फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी के बाद गुरुवार को कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है.

दिल्ली से सटे गुड़गांव में 15 मई तक धारा-144 लगा दी गई. वहीं संवेदनशील जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान विभिन्न स्थानों पर फ्लैग मार्च कर रहे हैं. 

जाट आरक्षण: खट्टर सरकार में दो फाड़

जाटों ने सरकार को आरक्षण की मांग मांगने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जिसकी समयसीमा गुरुवार रात को समाप्त हो रही है.

सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां हरियाणा में भेजी हैं. इनकी तैनाती रोहतक और झज्जर जैसे संवेदनशील जिलों में की गई हैं. पिछले महीने जाट आंदोलन में ये दोनों जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए थे. 

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जाट नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं.

जाट आरक्षण पर मोदी की चेतावनी: पिछली बार जैसा कुछ न हो

आरक्षण की मांग को लेकर फिर से आंदोलन पर जाने के जाटों की धमकी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछली बार जैसी स्थिति इस बार नहीं होनी चाहिए. उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात कर कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने को कहा है. 

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पिछले माह जाट आंदोलन के दौरान भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था. लेकिन किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया.

जाट समुदाय नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहा है. हरियाणा सरकार ने समुदाय को विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) में शामिल करने के लिए स्वीकृति दे दी है.

पिछले माह हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान 30 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 लोग घायल हुए थे. इस हिंसक आंदोलन में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई थी.

First published: 17 March 2016, 20:43 IST
 
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