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पापा यशवंत को बेटे जयंत ने समझाया मोदी मंत्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 September 2017, 13:18 IST

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशंवत सिन्हा के लेख के बाद केंद्र में भाजपा शासित मोदी सरकार बैकफुट पर है. भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर लेकर यशंवत सिन्हा ने बुधवार को सीधे तौर पर मोदी सरकार को कटघरे में किया था.

देश के पूर्व वित्त मंत्री रहे यशंवत सिन्हा को जवाब देने के लिए मोदी सरकार का बचाव करने खुद उनके बेटे जयंत सिन्हा सामने आए. उन्होंने कहा कि हम एक नई मजबूत अर्थव्यवस्था बना रहे हैं, जो कि लंबे समय में न्यू इंडिया के लिए लाभकारी होगी. उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार अभी संरचनात्मक सुधार पर काम कर रही है. ऐसे में एक या दो क्वॉर्टर के आंकड़ों के आधार पर कोई राय नहीं बनाई जानी चाहिए. 

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए लिखे गए लेख में मोदी सरकार में सिविल एविएशन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि हाल ही के दिनों में अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर कई तरह के लेख लिखे गए हैं. उन्होंने लिखा कि सरकार जो बदलाव कर रही है वह न्यू इंडिया की जरूरत हैं. जो नई अर्थव्यवस्था तैयार हो रही है वह ज्यादा पारदर्शी होगी जिसमें लाखों लोगों को जॉब मिलेगी.

उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा गेमचेंजिंग कोशिशें हैं और इसका असर लंबे समय में दिखेगा. जो लोग आज तक बिना टैक्स दिए कारोबार कर रहे थे, वो अब टैक्स के दायरे में लाए जा रहे हैं. आने वाले समय में टैक्स से आय बढ़ेगी, अर्थव्यवस्था में पैसा आएगा और जीडीपी भी बढ़ जाएगी.

उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार में एफडीआई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. वित्तीय वर्ष 2014 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 36 बिलियन डॉलर था, जो वित्तीय वर्ष 2017 में 60 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. जनधन-आधार-मोबाइल (जैम) की सहायता से हम डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर कर रहे हैं जिससे पिछले तीन साल में 1.75 लाख करोड़ रुपये तक सीधा लोगों के खाते में जा रहे हैं और लीकेज़ बंद हो रही है.

गौरतलब है कि पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने बिगड़ती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखा था.

अपने इस लेख में उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा था, "मौजूदा समय में न तो विकास तेज हो रहा है और न ही लोगों को नौकरी मिल रही है. वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था का जो हाल किया है, उस पर अगर अब भी चुप रहा, तो ये नागरिक कर्तव्यों से पीछे हटना होगा. मुझे यह भी मालूम है कि जो मैं कहने जा रहा हूं पार्टी के ज्यादातर लोगों की यही राय है, पर वो डर के कारण बोल नहीं पा रहे हैं."

First published: 28 September 2017, 12:37 IST
 
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