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जिगिशा घोष मर्डर केस में दो दोषियों को सजा-ए-मौत, एक को उम्रकैद

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2016, 12:52 IST
(फाइल फोटो)

आईटी कर्मचारी जिगिशा घोष हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है. दिल्ली की साकेत  कोर्ट ने सोमवार को जिगिशा मर्डर केस में दो दोषियों रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है.

इसके अलावा अदालत ने तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा का एलान किया है. कोर्ट ने रवि पर 20 हजार, अमित पर 1 लाख और बलजीत पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका है. 

साकेत कोर्ट ने सुनाई सजा

साकेत कोर्ट ने पिछले महीने ही तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने कहा था कि तीनों अभियुक्त रवि कपूर, अमित शुक्ला और बलजीत सिंह मलिक के खिलाफ मामला साबित हो गया है.

पढ़ें: दिल्ली के जिगिशा घोष मर्डर केस में तीनों अभियुक्त दोषी करार

अदालत ने कहा था कि परिस्थिति जन्य सबूतों से यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि तीनों दोषियों ने ही हत्या के लिए जिगिशा का अपहरण किया था. न्यायिक हिरासत के दौरान तीनों आरोपियों के व्यवहार के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी गई थी.

18 मार्च 2009 को हत्या

हेविट एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड में ऑपरेशन मैनेजर के रूप में कार्यरत 28 साल की जिगिशा की 18 मार्च, 2009 को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी. ऑफिस कैब ने उस दिन जिगिशा को सुबह करीब चार बजे दिल्ली के वसंत विहार में उसके घर के पास छोड़ा और वहीं से जिगिशा का अपहरण कर लिया गया.

अदालत ने अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करने), धारा 364 (हत्या करने के लिए अपहरण), धारा 394 (लूट के दौरान चोट पहुंचाना), धारा 468 (फर्जीवाड़ा), धारा 471 (फर्जी दस्तावेज का वास्तविक इस्तेमाल), धारा 482 (झूठी संपत्ति को व्यवहार में लाना) और धारा 34 के तहत दोषी ठहराया.

अब तक का घटनाक्रम

  • 18 मार्च, 2009: दिल्ली के वसंत विहार के घर के पास कैब से उतरने के बाद अपहरण
  • 20 मार्च, 2009: जिगिशा का शव हरियाणा के सूरजकुंड के पास बरामद किया गया.
  • 23 मार्च, 2009: हत्याकांड में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया.
  • जून 2009: दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया.
  • 15 अप्रैल, 2010: दिल्ली की अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई.
  • 5 जुलाई, 2016: दिल्ली की अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रखा.
  • 14 जुलाई, 2016: दिल्ली की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया.
  • 22 अगस्त, 2016: दोषी रवि और अमित को फांसी की सजा, बलजीत को उम्रकैद.
First published: 22 August 2016, 12:52 IST
 
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