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क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में जेएनयू के सीएसएसएस विभाग को मिला 51वां रैंक

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 6:47 IST

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र (सीएसएसएस) को  51वां रैंक मिला है. पिछले साल जेएनयू इस रैंकिग में 58वें पायदान पर था.

जेएनयू पिछले कुछ समय से विवादों का सामना कर रहा है. बीती नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में अफजल गुरु पर आयोजित एक विवादित कार्यक्रम के बाद जेएनयू पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था.

इन विवादों की वजह से लोगों के मन में यह सवाल पैदा होने लगा था कि क्या इससे जेएनयू की साख को झटका लगेगा.

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि नौ फरवरी को अफजल गुरू पर आयोजित विवादित कार्यक्रम के सिलसिले में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कुछ छात्र इसी सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र में पढ़ाई कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जेएनयू का सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र भारत में समाजशास्त्र के प्रतिष्ठित विभागों में से एक है. इस विभाग में हर साल करीब 450 छात्र अध्ययन करते हैं. इस विभाग की ओर से हर साल करीब 35 छात्रों को एम फिल की डिग्री दी जाती है जबकि 25 छात्र पीएचडी का शोध-पत्र जमा करते हैं.

इस विभाग में डॉ. बीआर अंबेडकर चेयर भी है, जो भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है. यह बाबासाहेब अंबेडकर के बौद्धिक योगदानों से जुड़ी गतिविधियों का समर्थन और संचालन करता है. इसके अलावा यह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को शोध कार्य के लिए छात्रवृतियां देता है.

विवादों के बीच पिछले हफ्ते ही जेएनयू को शोध में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा हुई है.

इसके अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मॉलिकुलर पैरासाइटोलॉजी, खासकर मलेरिया-निरोधक, लेशमेनियासिस और अमीबायसिस, के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए जेएनयू के मॉलिकुलर पैरासाइटोलॉजी ग्रुप को भी सम्मानित किया था.

इस हफ्ते की शुरूआत में जारी साल 2015-16 की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शोध की गुणवत्ता, स्नातकों के रोजगार, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षण मानकों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या जैसे पहलुओं पर गौर किया गया था.

इस रैंकिंग में दुनिया भर के करीब 800 विश्वविद्यालयों की रेटिंग की गई.

First published: 18 March 2016, 4:32 IST
 
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