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जेएनयू विवाद: सजा के खिलाफ आज से कन्हैया की भूख हड़ताल

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2016, 17:51 IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र आज से उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद दी गई सजा के खिलाफ अनशन पर बैठने जा रहे हैं.  वहीं भूख हड़ताल से पहले गंगा ढाबे से लेकर प्रशासनिक ब्लॉक तक मार्च आयोजित किया जाएगा. 

इसके बाद अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल शुरू की जाएगी. छात्र संघ के जनरल सेक्रेटरी रामा नागा ने कहा कि हमने अभी जेएनयू के अंदर राजनीतिक लड़ाई लड़ने का फैसला किया है. न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट जाने का रास्ता भी खुला हुआ है. 

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वहीं मंगलवार को भी एडमिन ब्लॉक के पास छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सजा के नोटिस को भी जलाया. 


जेएनयू प्रशासन के खिलाफ मोर्चा


वहीं जुर्माने और सजा के एक दिन बाद जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. छात्रसंघ का कहना है कि हम इस गैरलोकतांत्रिक कमेटी को नहीं मानते हैं. लिहाजा इसकी रिपोर्ट के आधार पर सुनाए फैसले को कैसे मानेंगे. 

पढ़ें:जेएनयू विवाद: सजा-जुर्माने के खिलाफ छात्रसंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का कहना है कि उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर किसी को निष्कासित किया गया है, किसी को जुर्माना तो किसी को हॉस्टल से बाहर करने का फैसला किया गया है.

कन्हैया ने कहा, "हमने इस कमेटी को शुरू से ही खारिज किया है. कमेटी बनाने में ही गड़बड़ी थी, क्योंकि ये कमेटी गैरलोकतांत्रिक तरीके से बनाई गई थी. इसलिए हम जांच कमेटी पर ही सवाल खड़ा करते हैं." 

'बाहरी दबाव में कार्रवाई'

कन्हैया ने इस दौरान कहा कि कुलपति पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि ये सब जेएनयू के नियमों के मुताबिक नहीं हो रहा है. इसके लिए कहीं और से फोन आ रहा है. विश्वविद्यालय किसी के इशारे पर नहीं चलेगा.

कन्हैया ने एलान किया कि जेएनयू के छात्र छुट्टियों में भी आंदोलन के लिए तैयार हैं. 

पढ़ें:जेट एयरवेज के विमान में कन्हैया पर हमला, गला दबाने की कोशिश

वहीं एबीवीपी ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दी गई सजा को कम बताया है. एबीवीपी का कहना है कि देशद्रोह के संगीन आरोप में बहुत कम सजा दी गई है.

देशविरोधी नारेबाजी का आरोप


नौ फरवरी को जेएनयू में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया समेत कई छात्रों पर एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी का आरोप है.

उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद कन्हैया को दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. जबकि उमर खालिद को एक सेमेस्टर और अनिर्बान भट्टाचार्य को जुलाई तक के लिए कैंपस से निष्कासित करने की सजा दी गई.

उमर और अनिर्बान पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

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First published: 27 April 2016, 17:51 IST
 
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