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जेएनयू विवाद: छात्रों की मांग पर विचार के लिए बनी समिति

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2016, 10:53 IST

दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनीवर्सिटी (जेएनयू) ने बीते नौ फरवरी को विवादित कार्यक्रम के सिलसिले में मिली सजा के खिलाफ भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की मांग पर विचार के लिए एक चार सदस्यीय समिति बनाई है.

जेएनयू ने एक बयान में कहा कि कुलपति ने रेक्टर-एक, रेक्टर-दो, छात्रों के डीन और रजिस्ट्रार की सदस्यता वाली एक टीम बनाने का फैसला किया है, जो भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर विचार करेगी.

यूनीवर्सिटी प्रशासन के बयान के मुताबिक सिर्फ शांतिपूर्ण वार्ता और चर्चा के जरिए ही समाधान तलाशे जा सकते हैं. जिससे किसी की सेहत और परिसर के शैक्षणिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो, उससे हल नहीं निकल सकता.

उमर समेत तीन और ने तोड़ा अनशन


इस बीच बिगड़ती सेहत की वजह से तीन और छात्रों ने अपना अनशन खत्म कर दिया. जेएनयू प्रशासन ने छात्रों से एक बार फिर भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है.

जेएनयू छात्र संघ ने कहा है कि प्रशासन से वार्ता करने या न करने के मुद्दे पर अभी फैसला नहीं हुआ है. उमर खालिद, प्रतिम घोषाल और पार्थीपन ने अपनी सेहत बिगड़ने के बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी है. 

पढ़ें: जेएनयू विवाद: कन्हैया की भूख हड़ताल खत्म, साथियों का आंदोलन जारी

कथित राजद्रोह के मामले में जमानत पर रिहा किए गए उमर को जेएनयू प्रशासन ने एक सेमेस्टर के लिए निष्कसित किया था. उसे सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया. उमर का शुगर और सोडियम-पोटाशियम स्तर काफी गिर गया था.

हाईकोर्ट में याचिका


इस बीच उच्च स्तरीय जांच समिति के फैसले के बाद मिली सजा के खिलाफ उमर खालिद और अनिर्बान ने हाईकोर्ट का रुख किया है. एडवोकेट जवाहर राजा और त्रिदीप पायस के जरिए दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिन पर आज सुनवाई हो सकती है.

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अनिर्बान को जुलाई तक और उमर खालिद को एक सेेमेस्टर के लिए निष्कासित किया गया था.

पढ़ें: जेएनयू विवाद: सजा-जुर्माने के खिलाफ छात्रसंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

अब तक जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत नौ छात्र भूख हड़ताल खत्म कर चुके हैं. जबकि 11 दूसरे  छात्र अब भी भूख हड़ताल पर हैं.

जेएनयू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) के अलावा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग एक दिन की भूख हड़ताल कर रहे हैं.

First published: 10 May 2016, 10:53 IST
 
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