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जेएनयू विवाद: 16 दिन बाद छात्रों की भूख हड़ताल खत्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

दिल्ली की जवाहर लाल यूनीवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों ने 16 दिन बाद बेमियादी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पर मिली सजा के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद ये फैसला लिया गया.

जेएनयू के छात्र 28 अप्रैल से भूख हड़ताल कर रहे  थे. शुक्रवार (13 मई) को दिल्ली हाई र्ट के आदेश के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म कर दिया.

जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष शहला राशिद ने बताया, "अदालत के आदेश के बाद, हमने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है, लेकिन जब तक कुलपति सजा को रद्द नहीं करते हैं हमारी लड़ाई जारी रहेगी."

हाईकोर्ट से राहत के बाद फैसला


शहला ने बताया, "हमने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को उठाया है. उनसे बाचतीत चाहते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण हमें अदालत जाने के लिए मजबूर होना पड़ा."

इस साल नौ फरवरी को आयोजित हुए विवादास्पद समारोह के चलते कन्हैया, अनिर्बान और उमर पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था. विश्वविद्यालय ने कन्हैया पर 10 हजार, जबकि उमर और अनिर्बान पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया था. 

पढ़ें: जेएनयू विवाद: कन्हैया समेत छात्रों को मिली सजा पर हाईकोर्ट की रोक

जेएनयू में हुए इस कार्यक्रम के संबंध में उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन तीनों और कुछ अन्य छात्रों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की गई थी. उमर को एक सेमेस्टर और अनिर्बान को जुलाई तक के लिए निष्कासित किया गया था.

याचिकाकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की ओर से लगाए गए जुर्माने और सजा को चुनौती दी थी. इसके साथ ही दो छात्रों से हॉस्टल सुविधाएं वापस लिए जाने को भी चुनौती दी गई थी. 

सजा पर हाईकोर्ट की रोक


दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासन की ओर से जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ जारी किए गए अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश पर रोक लगा दी थी.

हालांकि यह आदेश जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य पर तब तक लागू नहीं होगा, जब तक वे याचिका दायर कर ये नहीं कहते कि एक उच्च-स्तरीय जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर जेएनयू प्रशासन की ओर से किए गए निर्णय के खिलाफ वे अपील कर रहे हैं.

उमर और अनिर्बान ने अपने निष्कासन को चुनौती दी है. कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन की ओर से पेश हुए वकील से कहा, आपको छात्रों के साथ थोड़ा तर्कसंगत ढंग से तालमेल बिठाना चाहिए. हालात को समझें और उनसे बात करें.

First published: 14 May 2016, 1:14 IST
 
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