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उमर और अर्निबान की न्यायिक हिरासत बढ़ी, रिहाई के लिए छात्रों का मार्च

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राजद्रोह के आरोपी जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र उमर खालिद और अर्निबान भट्टाचार्य की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है.

जेएनयू में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के आरोप के चलते इन दोनों छात्रों ने 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसर्मपण किया था.

वहीं उमर और अर्निबान की रिहाई की मांग को लेकर जेएनयू के छात्र मंडी हाउस से संसद तक मार्च कर रहे हैं. तीन मार्च को जमानत पर रिहा हुए जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी इस मार्च में शामिल हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट ने आईबी जांच की मांग को नकारा

दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कन्हैया कुमार के केस की जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से कराने की मांग की गई.

याचिका में कहा गया था कि अंतरिम जमानत के बाद जेल से बाहर आने के बाद भी कन्हैया ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रतिभा रानी ने याचिकाकर्ता से कहा, 'आप कौन हैं जो इस मामले मे आईबी की जांच चाहते हैं. आप जैसे सामज सेवियों की जरूरत नहीं. देश की एजेंसियां जानती हैं कि क्या करना है.'

इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापिस ली.

First published: 15 March 2016, 3:39 IST
 
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