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जेएनयू विवाद: उमर खालिद और अनिर्बान ने आधी रात को किया सरेंडर

आशीष कुमार पाण्डेय | Updated on: 24 February 2016, 18:10 IST

देशद्रोह का आरोप झेल रहे जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान ने मंगलवार की आधी रात को कैंपस के बाहर आकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.

जेएनयू के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बोलेरो गाड़ी में बैठ कर ये दोनों कैंपस के गेट पर आये, जहां से दिल्ली पुलिस इन्हें अपनी गाड़ी में बैठा कर वसंत विहार थाने ले गई.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने मीडिया को झांसे में रखने के लिए जेएनयू कैंपस के बाहर से दो अलग-अलग गाड़ियों को आरके पुरम थाने और वसंत विहार थाने की ओर दौड़ाया. लेकिन इस बात की पुख्ता जानकारी है कि दोनों को आरकेपुरम थाने में ही ले जाया गया.

उमर और अनिर्बान की गिरफ्तारी का वीडियो

इसके बाद पुलिस दोनों को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. ऐसा सुरक्षा के मद्देनजर किया गया है.

इससे पहले आधी रात को सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही दिल्ली पुलिस ने वसंत विहार थाने को लगभग दुर्ग में बदल दिया था. वहां पर काफी बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती कर दी गई थी.

जेएनयू गेट पर आत्मसमर्पण के बाद पुलिस दोनों को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. ऐसा सुरक्षा के मद्देनजर किया गया है

इससे पहले मंगलवार को उमर खालिद और अनिर्बान ने दिल्ली हाईकोर्ट से सुरक्षित जगह पर सरेंडर करने की इजाजत मांगी थी. जिसे दिल्ली हाईकोर्ट की जज प्रतिभा रानी ने खारिज करते हुए दोनों को गिरफ्तारी से राहत देने से इंकार कर दिया था और कहा था कि हम इनकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगायेंगे. ये सेशन कोर्ट तय करेगा.

हाईकोर्ट ने खालिद और अनिर्बान की ओर से पेश हुई वकील कामिनी जायसवाल से कहा था कि, इन्हें सरेंडर करना है, आप जगह और वक्त बताएं जहां पुलिस इनको गिरफ्तार करे.

खालिद और अनिर्बान की वकील कामिनी जायसवाल ने कोर्ट को तय जगह के बारे में बताया. जिस पर दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता तुषार मेहता ने अपनी आपत्ति जताई.

इससे पहले हाईकोर्ट में खालिद और अनिर्बान की ओर से कन्हैया कुमार के साथ पटियाला हाउस में हुए हंगामे को आधार बनाते हुए एक याचिका दायर की गई थी.

जिसमें कहा गया था कि उन्हें डर है कि दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में पेशी के दौरान उनके साथ भी वही कुछ हो सकता है जो जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के साथ हुआ.

दूसरी तरफ इस मामले में दिल्ली पुलिस कमिश्नर भीमसेन बस्सी ने कहा कि अगर जेएनयू के पांचों आरोपी छात्र जांच अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं करते हैं, तो पुलिस अपने विकल्पों का उपयोग करने में संकोच नहीं करेगी.

पुलिस कमिश्नर बस्सी ने कहा कि, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि जेेएनयू में हुए 9 फरवरी के कार्यक्रम में देशविरोधी भाषण हुए और नारेबाजी की गई है. हम जानते हैं कि कुछ लोग जो इसमें शामिल हैं घटना के बाद से फरार हो गए थे. अब वापस लौट आए हैं.'

आज हम उन छात्रों का इंतजार कर रहे हैं. मैं काममना करता हूं कि छात्रों को सदबुद्धि मिले और वे पुलिस के साथ सहयोग करें. अगर हम महसूस करते हैं कि वे कानून का पालन नहीं करेंगे तो हमारे पास भी विकल्प हैं और हम उन विकल्पों का इस्तेमाल करने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे.

एक हफ्ते तक भूमिगत रहने के बाद रविवार को आधी रात में जेएनयू में नारेबाजी के आरोपी उमर और अनिर्बान सामने आए थे

इससे पहले लगभग एक हफ्ते तक भूमिगत रहने के बाद रविवार को आधी रात में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नारेबाजी का आरोपी उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सामने आए. उमर के साथ जेएनयू के छात्र बड़ी संख्या में मौजूद थे.

नौ फरवरी को युनिवर्सिटी परिसर में डीएसयू नाममक छात्र संगठन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इन छात्रों ने कथित तौर पर भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए थे.

इस मामले में जेएयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पहले से ही देशद्रोह के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं.

रविवार को आधी रात में हजारों की संख्या में जेएनयू के छात्र प्रशासनिक भवन के पास इकट्ठा हुए. इनमें छात्रसंघ के तमाम पदाधिकारी भी शामिल थे. यहां आश्चर्यजनक रूप से उमर खालिद और अनिर्बान सबके सामने आया. उसने मौजूद छात्रों के सामने भाषण दिया. अपने भाषण में उसने हैदराबाद सेंट्रल युनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला का जिक्र किया. 'सात सालों के दौरान पहली बार मुझे अपने मुसलमान होने का अहसास बीते दस दिनों में हुआ. मुझे मेरी धार्मिक पहचान में समेट दिया गया. यह शर्मनाक है.'
First published: 24 February 2016, 18:10 IST
 
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