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यह ओपी शर्मा की 'राष्ट्रवादी' गुंडागर्दी है

आदित्य मेनन | Updated on: 16 February 2016, 8:55 IST

ये ओपी शर्मा हैं. इन्होंने कोर्टरूम के बाहर छात्रों और पत्रकारों पर हमला किया है. इनका कहना है कि देश-भक्ति उनकी संपत्ति हैं और यह देशभक्ति उन्हें कानून हाथ में लेने का इजाजत देती है.

कुछ दिन पहले इन्होंने आप विधायक अलका लांबा को 'बाजारू औरत' कहा था और अपने बयान पर माफी मांगने से इंकार कर दिया था.

ओपी शर्मा की तरह बनो

क्योंकि वह साधारण स्त्रीविरोधी, पुरुषवादी, गुंडे नहीं है. वह भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी हैं. और यह इस बात की गारंटी है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

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जेएनयूएसयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की कोर्ट में सुनवाई के दौरान शर्मा और उनके गुंडों ने जेएनयू के छात्रों और पत्रकारों को पीटा. कन्हैया को पुलिस ने 12 फरवरी को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है. गुंडों ने वहां अपना काम कर रहे पत्रकारों को भी निशाना बनाया.

पाटियाला हाउस कोर्ट के बाहर हुई गुंडागर्दी

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यह लेख बीजेपी विधायक की गुंडागर्दी के सबूत के रूप में इन तस्वीरों और वीडियो को पेश नहीं करता है. इसके बजाय यह एक चेतावनी है. क्योंकि ओपी शर्मा ऐसा दोबारा कर सकते हैं. और जब वह ऐसा करें तो प्लीज पुलिस को ना बुलाए. पुलिस आपकी कोई मदद नहीं करेगी.

शर्मा अकेले नहीं है. शनिवार को जेएनयू कैंपस में राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा पर एबीवीपी समर्थकों ने हमला कर दिया. समर्थकों ने उन पर पत्थर फेंका और तेज धार वाली किसी चीज से हमला किया. जाहिर हैं उनका निशाना कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी थे लेकिन शर्मा उनके रास्ते में आ गए.

पढ़ें: अदालत में जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया की पेशी से पहले छात्रों-पत्रकारों की पिटाई

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता भगवा गुंडों से सुरक्षित नहीं है, तो कोई नहीं है. सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एबीवीपी कार्यकर्ता प्रो-पाकिस्तान नारे लगा रहे हैं. यह विवादित कार्यक्रम 9 फरवरी को हुआ था और यही कन्हैया की गिरफ्तारी की वजह बना.

हालांकि दिल्ली सरकार वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है लेकिन दिल्ली के पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी एबीवीपी को क्लीन चिट देने की जल्दी में थे.

अब तक बीजेपी हमेशा इन उपद्रवी तत्वों से किनारा करती रही है. लेकिन इस बार उसके विधायक कोर्टरूम के बाहर न्याय दिलाने के लिए भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे.

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ओपी शर्मा के गुंडई से आश्चर्यचकित होने की जरूरत नहीं है. वह महज बीजेपी में अपने नंबर बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे. क्योंकि पार्टी ने दंगों के आरोपी संजीव बालियान और रेप के आरोपी निहाल चंद को केंद्रीय मंत्री बनाकर पुरस्कृत किया है.

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ओपी शर्मा की तरह बनिए. आप एक दिन मंत्री बन सकते हैं.

बस्सी की तरह बनिए. आपको कुछ नहीं करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा.

(लेख में प्रस्तुत विचार लेखक के निजी हैं. इनसे संस्थान का सहमत होना जरूरी नहीं है)

First published: 16 February 2016, 8:55 IST
 
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