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जेएनयू भूख हड़ताल: कन्हैया की हालत बिगड़ी, हेल्थ सेंटर में भर्ती

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2016, 17:52 IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन खराब स्वास्थ्य के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बीते नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में हुए एक कथित विवादित कार्यक्रम के सिलसिले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों को दी गई सजा के विरोध में छात्र के दो अलग-अलग गुट भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

भूख हड़ताल जेएनयू छात्रसंघ ने बुलाई है. इसमें आइसा, एआईएसएफ के अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्र भी भूख हड़ताल पर हैं.

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28 अप्रैल से भूख हड़ताल

28 अप्रैल को 19 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे जिनमें खराब स्वास्थ्य के चलते चार छात्रों को बीच में हटना पड़ा. अभी उमर खालिद, रामा नागा, श्वेता राज, चिंटू कुमारी, अनंत प्रकाश नारायण अन्य छात्रों के साथ भूख हड़ताल पर हैं.

जेएनयू छात्रसंघ के महासचिव रामा नागा ने गुरुवार को कहा है कि भूख हड़ताल पर बैठे सभी छात्रों का कीटोन स्तर बढ़ रहा है जबकि रक्तचाप कम हो रहा है. इसके अलावा कन्हैया कुमार का वजन छह किलो घट गया है.

रामा नागा का कहना है कि जब तक हमारी सभी मांगें नहीं मानी जाती हैं, हमारी भूख हड़ताल और संघर्ष जारी रहेगा.

आइसा से जुड़े एक छात्र नेता ने कैच को बताया कि बुधवार को जेएनयू के वाइस चांसलर ने छात्रों से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी. लेकिन छात्रों ने किसी भी बातचीत से पहले सजा और जुर्माने के फैसले को रद्द करने के लिए कहा है.

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जेएनयू के संयुक्त सचिव और एबीवीपी नेता सौरभ शर्मा पर भी भूख हड़ताल पर बैठे थे जिन्हें मंगलवार को गिरते स्वास्थ्य के चलते एम्स में भर्ती किया गया था.

अनशन वापस लेने की अपील

भूख हड़ताल पर बैठे वाम दलों के छात्र संगठन और एबीवीपी दोनों को जेएनयू टीजर्स एसोसिएशन का समर्थन मिला है.

वहीं जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने एक अपील में कहा है कि भूख हड़ताल गैरकानूनी गतिविधि है. यह  विरोध को नुकसान पहुंचाने वाला तरीका है जिसका छात्रों के स्वास्थ्य और करियर पर बुरा असर पड़ता है.

उन्होंने कहा है कि जेएनयू प्रशासन छात्रों से तुरंत अपनी हड़ताल वापस लेने और बातचीत के लिए आने का अनुरोध करता है.

क्या है जांच समिति का फैसला

9 फरवरी को जेएनयू में हुए एक कार्यक्रम में सिलसिले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. उनके अलावा उमर खालिद पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए एक सेमेस्टर के लिए निलंबित किया गया है.

राजद्रोह के आरोप में जेल जा चुके अनिर्बान भट्टाचार्य 15 जुलाई तक निलंबित कर दिया गया. लेकिन 25 जुलाई के बाद से अनिर्बान भट्टाचार्य पर अगले पांच साल तक जेएनयू में कोई कोर्स करने पर रोक लगा दी गई है.

इसके अलावा ऐश्वर्य, रामा नागा, अनंत और गार्गी पर भी 20-20 हजार का जुर्माना लगाया गया है. एक अन्य छात्र मुजीब गट्टू को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित किया गया है.जेएनयू के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा पर भी दस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है.

First published: 5 May 2016, 17:52 IST
 
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