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कन्हैया कुमार: मुझे देश 'से' नहीं, देश 'में' आज़ादी चाहिए

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 March 2016, 8:53 IST

राजद्रोह के मामले में अभियुक्त जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार जेल से सशर्त रिहा होने के बाद जेएनयू कैंपस में गुरुवार की रात छात्रों को संबोधित किया.

लगभग 45 मिनट के अपने लंबे भाषण में कन्हैया ने केंद्र सरकार,पीएम मोदी, आरएसएस और एबीवीपी पर जमकर हमला बोला.

जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का बहुप्रतीक्षित भाषण गुरुवार रात जेएनयू कैंपस में हुआ. जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद हजारों छात्रों की भीड़ को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि उन्हें देश से नहीं बल्कि देश में आजादी चाहिए.

जेल के अपने अनुभवों को साझा करने के साथ कन्हैया ने राष्ट्रीय सवयंसेवक संघ (आरएसएस), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वे भारत से नहीं भारत को लूटने वालों से आजादी चाहते हैं.

कन्हैया कुमार का पूरा भाषण

जेएनयू कैंपस में 'जय भीम' और 'लाल सलाम' के नारे के बीच आजादी के नारे लगाते हुए कन्हैया ने कहा कि देश को आरएसएस, असमानता, सामंतवाद, जातिवाद और शोषण से आजादी चाहिए. जेएनयू विवाद समस्याओं से ध्यान भटकाने की साजिश है. हम समस्या से आजादी चाहते हैं. हमें फर्जी ट्वीट करने वाले संघियों से भी आजादी चाहिए.

मार्च शुरू होने से पहले माइक पर ताकीद हुई कि कोई भी ऐसा नारा न लगे, जिससे किसी को भी कोई मुश्किल हो बाद में. ज़ाहिर है कोर्ट के आदेश का कुछ तो असर हुआ ही था.

मार्च शुरु हुआ और पोस्टर बैनर वाले छात्र मीडिया की ज़द में आने की अपनी तुच्छ कोशिशों में जुटे. हालांकि बड़ी संख्या छात्रों की ऐसी भी थी, जिन्हें इन कैमरों से कोई मतलब नहीं था. वह वाकई कन्हैया के लौटने से खुश थे और नारे लगा रहे थे.

एड ब्लॉक, जहां कन्हैया का भाषण हुआ वहां पूरे समय यह तिरंगा लहराता हुआ दिखाई देता रहा.

कन्हैया के जेएनयू पहुंचने के बाद ही अचानक से भारी संख्या में छात्र इकट्ठा होने लगे थे. जल्द ही इस हपजूम ने मार्च की शक्ल अख्तियार कर ली. इस मार्च में सबसे आगे-आगे एक लड़का तिरंगा लहराता चल रहा था. जेएनयू में इस तरह के नजारे कम ही दिखते हैं जब तिरंगा लेकर मार्च निकलता हो.

एड ब्लॉक, जहां कन्हैया का भाषण हुआ वहां पूरे समय यह तिरंगा लहराता हुआ दिखाई देता रहा.

यहां कन्हैया ने अपने भाषण की शुरुआत की आवाज़... दो… हम एक हैं... नारे से की.

पूरे जोश और आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे कन्हैया ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री से लेकर मीडिया और स्मृति ईरानी से लेकर एबीवीपी पर धारदार टिप्पणियां की.

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कन्हैया के मुताबिक वह मीडिया ट्रायल का शिकार हुए हैं. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी कहानी खुद लिखूंगा. इसकी शुरुआत मैंने जेल में ही कर दी है. मैंने कभी भी भारत के खिलाफ कुछ नहीं बोला. मुझे भरोसा है कि सच कायम रहेगा. सही बातें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं. मैं लंबी लड़ाई के लिए तैयार हूं.'

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कन्हैया ने कहा कि जेएनयू के विरोध का पूरा प्लान नागपुर में तय हुआ. उन्होंने कहा, 'जेएनयू कैंपस हमेशा विपक्ष की भूमिका निभाता आया है. फेलोशिफ खत्म करने के विरोध में चल रहे आंदोलन और रोहित वेमुला के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने के चलते जेएनयू के छात्रों पर राजद्रोह जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं. मोदी सरकार विरोध की हर अावाज को दबा देना चाहती है. लेकिन दबाव जितना बढ़ेगा हमारी लड़ाई उतनी लंबी होगी.'

29 साल के कन्हैया ने अपने भाषण में केंद्र सरकार, रोहित वेमुला, स्मृति ईरानी, संघ आदि पर चुटकी भरे अंदाज में हमला किया.

1. इस देश की सरकार ने रोहित वेमुला की आवाज दबाई, जेएनयू की आवाज को दबाना चाहते हैं. हम इसका विरोध करेंगे. देश के अंदर आजादी मांगना गलत है. हम फर्जी ट्वीट करने वाले संघी लोगों से आजादी चाहते हैं.
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2. हमें एबीवीपी से कोई शिकायत नहीं है. एबीवीपी हमारा विपक्ष है, दुश्मन नहीं. हम सही मायनों में गणतांत्रिक लोग हैं. भारतीय संविधान में विश्वास करते हैं हम.

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3. प्रधानमंत्री जी ने ट्वीट किया है और कहा है सत्यमेव जयते. प्रधानमंत्री जी आपसे भारी वैचारिक मतभेद है लेकिन क्योंकि सत्यमेव जयते आपका नहीं इस देश का संविधान का है, मैं भी कहता हूं सत्यमेव जयते.

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4. हमें भूखमरी से आजादी चाहिए. भ्रष्टाचार से आजादी चाहिए. हम सामाजिक लोकतंत्र की बात करते हैं. हमारा संविधान में पूरा भरोसा है.  
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5. जेएनयू के विरोध का पूरा प्लान नागपुर में तय हुआ. आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य में जेएनयू विरोधी लेख छापे गये.

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6. प्रधानमंत्री जी मन की बात तो करते हैं, लेकिन सुनते नहीं हैं. पीएम मोदी को चाहिए कि वह लोगों के मन की बात सुनें. 

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कन्हैया को गुरुवार शाम ठीक 6:30 बजे आधि‍कारिक तौर पर रिहा किया गया। रिहाई के पहले जेल में कन्हैया का मेडिकल किया गया, जिसके बाद उसे कॉलोनी रूट से हर‍ि नगर थाने ले जाया गया और फिर आधि‍कारिक रूप से रिहा किया गया। गुरुवार को रात में करीब 10:20 बजे कैंपस में छात्रों को संबोधि‍त किया - See more at: http://www.jansatta.com/rajya/kanhaiya-kumar-reaches-jnu-celebrations-on-the-campus/73790/#sthash.SLOhHOLD.dpuf

कन्हैया को गुरुवार शाम ठीक 6:30 बजे आधि‍कारिक तौर पर रिहा किया गया। रिहाई के पहले जेल में कन्हैया का मेडिकल किया गया, जिसके बाद उसे कॉलोनी रूट से हर‍ि नगर थाने ले जाया गया और फिर आधि‍कारिक रूप से रिहा किया गया। गुरुवार को रात में करीब 10:20 बजे कैंपस में छात्रों को संबोधि‍त किया - See more at: http://www.jansatta.com/rajya/kanhaiya-kumar-reaches-jnu-celebrations-on-the-campus/73790/#sthash.SLOhHOLD.dpuf
गौरतलब है कि जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गुरुवार शाम 7:30 बजे आधि‍कारिक तौर पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया. रिहाई से पहले कन्हैया का जेल में ही मेडिकल किया गया, जिसके बाद उन्हें कॉलोनी रूट से हरि नगर थाने ले जाया गया. जहां कन्हैया को आधि‍कारिक रूप से रिहा किया गया.
कन्हैया को गुरुवार शाम ठीक 6:30 बजे आधि‍कारिक तौर पर रिहा किया गया। रिहाई के पहले जेल में कन्हैया का मेडिकल किया गया, जिसके बाद उसे कॉलोनी रूट से हर‍ि नगर थाने ले जाया गया और फिर आधि‍कारिक रूप से रिहा किया गया। गुरुवार को रात में करीब 10:20 बजे कैंपस में छात्रों को संबोधि‍त किया। - See more at: http://www.jansatta.com/rajya/kanhaiya-kumar-reaches-jnu-celebrations-on-the-campus/73790/#sthash.SLOhHOLD.dpuf
First published: 4 March 2016, 8:53 IST
 
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