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हत्या-आत्महत्या के बीच उलझी ज़ी समूह की पूर्व पत्रकार की मौत

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 2 May 2016, 19:08 IST

बीते रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात फरीदाबाद में पूजा तिवारी नाम की एक पत्रकार की छत से गिरकर मौत हो गई. पूजा ज़ी मीडिया के डिजिटल प्लेटफार्म डीएनए के लिए काम कर चुकी थीं. पूजा के मौत की परिस्थितियां लगभग साफ हैं क्योंकि उनकी मौत के वक्त पूजा के दो सबसे करीबी साथी वहीं मौजूद थे. उनमें से एक साथी को ही इस मौत की वजह माना जा रहा है. मौत से महज कुछ मिनट पहले का एक ऑडियो कैच के पास मौजूद है जिससे प्रथम दृष्टया यह तय होता है कि पूजा की मौत न तो आत्महत्या है न ही स्वाभाविक है.

लेकिन हरियाणा पुलिस तमाम सबूतों के बावजूद इसे घुमा फिरा रही है, इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. शायद इसकी वजह यह है कि हादसे से जुड़ा मुख्य संदिग्ध हरियाणा पुलिस में इंसपेक्टर है.

पूरी कहानी कुछ यूं है. पूजा अपने दोस्त अमित वशिष्ठ और अमरीन ख़ान के साथ सेक्टर 46 स्थित सदभावना अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 में मौजूद थीं. उन्होंने शराब पी रखी थी. इस दौरान अमित और पूजा के बीच हुई मामूली कहासुनी के बाद पूजा ने पांचवीं मंज़िल से छलांग लगा दी. फरीदाबाद पुलिस इसे ख़ुदकुशी मान कर जांच आगे बढ़ा रही है. पुलिस के मुताबिक वारदात रात में डेढ़ बजे के आस-पास हुई.

पूजा के सामने आत्महत्या की मजबूरी नहीं था बल्कि इसकी परिस्थितियां उनके ब्वॉयफ्रेंड अमित वशिष्ठ ने पैदा कर दीं!

बात इतनी सीधी भी नहीं है. कैच के पास एक सात मिनट एक सेकेंड की एक ऑडियो रिक़ॉर्डिंग मौजूद है जिसे सुनकर इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि पूजा के सामने आत्महत्या की मजबूरी नहीं था बल्कि इसकी परिस्थितियां उनके ब्वॉयफ्रेंड अमित वशिष्ठ ने पैदा कर दीं. हालांकि इस ऑडियो की वैधता साबित होना अभी बाकी है.

यह ऑडियो कैच को पूजा के एक दोस्त भरत गुप्ता ने मुहैया करवाया है. भरत का आरोप है कि पूजा को ख़ुदकुशी के लिए उकसाया गया है. यह ऑडियो पूजा और भरत के बीच पूजा की मौत से महज कुछ मिनट पहले हुई बातचीत का है. भरत का दावा है कि पूजा और हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ के बीच गहरे संबंध थे. दोनों के बीच अक्सर मारपीट भी होती थी. ख़ुदकुशी से ठीक पहले भी ऐसा ही हुआ था. उन्हें पूजा ने फोन किया था. अमित वशिष्ठ उस वक्त पूजा के साथ थे.

ऑडियो में क्या है?

भरत गुप्ता का आरोप है कि रविवार रात अमित वशिष्ठ के कहने पर पूजा ने उन्हें फोन किया. फोन पर पूजा भरत से पूछ रही हैं कि बताओ मैं कभी अकेले बंकी (एक अन्य दोस्त) के कमरे पर गई हूं क्या? बार-बार यही सवाल पूछने के बाद अमित, वशिष्ठ पूजा से फोन छीन लेता है. आगे अमित और भरत की बातचीत है. अमित पूछता है कि बताओ पूजा, बंकी के कमरे पर अकेले गई थीं या नहीं? हां या ना में जवाब दो. जवाब में भरत कहते हैं, हां...पूजा गई थीं.

इसके बाद फोन दोबारा पूजा ले लेती हैं. वह भरत से कहती हैं कि दरअसल अमित ये जानना चाहते हैं कि उनके और बंकी के बीच कहीं कोई अंतरंग रिश्ता तो नहीं है. वह अपनी सफाई में कहती हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. उनपर अमित झूठा इल्ज़ाम लगा रहा है, शक कर रहा है. इसके बाद फोन कट जाता है और थोड़ी ही देर बाद अपार्टमेंट से गिरकर उनकी मौत हो जाती है.

ओमप्रकाश के मुताबिक अमरीन और अमित वशिष्ठ उन्हें घायल अवस्था में लेकर एशियन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया.

कैच के पास एक ऑडियो मौजूद है जिससे प्रथम दृष्टया यह तय होता है कि पूजा की मौत न तो आत्महत्या है न ही स्वाभाविक है

इस सिलसिलेवार ब्यौरे में अमित वशिष्ठ की भूमिका साफ है. बावजूद इसके फरीदाबाद पुलिस उन्हें जांच के दायरे में नहीं लाई है. आईओ ओमप्रकाश कहते हैं, 'हमने अभी तक अमित से कोई पूछताछ नहीं की है और ना ही उनका बयान लिया है.'

ऑडियो और परिस्थितियों से साफ है कि पूजा और अमित के बीच संबंध थे लेकिन अमित को पूजा पर भरोसा नहीं था. उसे लगता था कि पूजा के संबंध उसके अन्य दोस्तों से भी हैं. ऑडियों में दर्ज बातचीत से यह बात स्पष्ट हो जाती है. पुलिस की भूमिका भी संदेहास्पद है. मौकाए वारदात पर मौजूद होने के बाद भी पुलिस ने अमित से न तो बातचीत की न ही उसका बयान दर्ज किया. शायद इसकी वजह यह है कि अमित खुद हरियाणा पुलिस में इंसपेक्टर है.

कौन है पूजा तिवारी?

सेक्टर 46 के चौकी इंचार्ज और इस मामले के जांच अधिकारी ओमप्रकाश के मुताबिक इसी महीने पूजा तिवारी समेत दो पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी का एक एफआईआर दर्ज हुआ था.

पूजा और उनके एक पत्रकार दोस्त अनुज मिश्रा पर इसी साल मार्च महीने में एक स्टिंग करके एक डॉक्टर अर्चना गोयल से दो लाख रुपए उगाही करने का आरोप लगा था. रुपए नहीं देने पर डॉक्टर अर्चना के खिलाफ एक खबर स्थानीय वेबसाइट पर पब्लिश की गई थी. इससे नाराज़ डॉक्टर अर्चना ने फरीदाबाद के सीपी हनीफ कुरैशी से शिकायत कर दी थी.

हनीफ कुरैशी के आदेश पर फरीदाबाद के सेंट्रल थाना पुलिस ने अप्रैल में धारा 384, 420 और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी. डॉक्टर अर्चना फरीदाबाद के सेक्टर-17 में नर्सिंग होम चलाती हैं. उनके पति डॉक्टर अनिल गोयल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चीफ रह चुके हैं.

परिस्थितियों से साफ है कि पूजा और अमित के बीच संबंध थे लेकिन अमित को पूजा पर भरोसा नहीं था

इस केस की तफ्तीश कर रही पुलिस ने पूजा तिवारी और उनके सहयोगी पत्रकार की कंपनियों को नोटिस भेजा था लेकिन दोनों ही मीडिया हाऊस ने इन्हें अपना पत्रकार मानने से इनकार कर दिया. शायद इस वजह से भी पूजा तनाव में थी. निजी जीवन में चल रही उथल-पुथल और पुलिस केस की वजह से वह गहरे अवसाद में थी.

आईओ ओमप्रकाश ने बताया कि इन सबसे उबरने के लिए उन्होंने इंदौर से अपनी पत्रकार दोस्त अमरीन ख़ान को फरीदाबाद बुलाया था. अमरीन 22 अप्रैल को इंदौर से फरीदाबाद पहुंचीं थीं. तभी से वो पूजा के साथ रह रही थीं.

अमरीन इस ख़ुदकुशी की चश्मदीद हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पूजा ने उनके सामने ही छलांग लगाई थी. मौके पर उनके दोस्त अमित वशिष्ठ भी मौजूद थे. इसके बावजूद पुलिस ने उनका बयान नहीं लिया.

First published: 2 May 2016, 19:08 IST
 
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