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उर्जित पटेल की प्रेस कांफ्रेंस से द इकोनॉमिस्ट और बीबीसी के पत्रकार को निकाला

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)

मुंबई स्थित आरबीआई हेडक्वॉर्टर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस से दो ब्रिटिश मीडिया संस्थान के पत्रकारों को बाहर कर दिया गया है. दोनों पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं देने की कोई वजह नहीं बताई गई. बस उन्हें कांफ्रेंस में हिस्सा लेने से मना कर दिया गया. दोनों पत्रकार 'द इकोनॉमिस्ट' और 'बीबीसी वर्ल्ड सर्विस' से हैं.

कैच न्यूज़ से बात करते हुए बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के पत्रकार समीर हाशमी ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि मुझे और द इकोनॉमिस्ट के पत्रकार को बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के बाहर कर दिया गया. 

इस कार्रवाई से नाराज़ द इकोनॉमिस्ट के पत्रकार स्टैनले पिग्नल ने एक के बाद एक चार ट्वीट किए. उन्होंने लिखा है, 'अद्भुत...: रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की नीति को लेकर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में हम (द इकोनॉमिस्ट) नहीं बुलाए गए हैं. मुझे प्रवेश से मना कर दिया गया. पारदर्शिता के लिए एक दुखद दिन.'

दूसरे ट्वीट में स्टैनले ने लिखा, 'आरबीआई प्रवक्ता ने कहा है कि नोटबंदी के खिलाफ की गई द इकोनॉमिस्ट की आलोचनात्मक कवरेज का और मुझे प्रेस कांफ्रेंस से बाहर किए जाने का कोई संबंध नहीं है.'

तीसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'प्रेस से बात नहीं करने के कारण मैं नए आरबीआई गवर्नर का हमेशा से आलोचक रहा हूं. मगर आरबीआई से यह उम्मीद नहीं थी कि हमें प्रेस कांफ्रेंस से बाहर कर दिया जाएगा.'

चौथे ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'आश्चर्यजनक है कि जून में आरबीआई गवर्नर का इंटरव्यू करने की अनुमति मिली और नवंबर में प्रेस कांफ्रेंस से बाहर कर दिया गया. कोई चेतावनी और कोई सफ़ाई नहीं दी गई.' 

इस कार्रवाई को ज़ी बिज़नेस डॉट कॉम के एडिटर शुभाशीष ने घृणास्पद बताया है. उन्होंने लिखा, 'पारदर्शिता बरतने और अपना काम करने की बजाय आरबीआई गवर्नर ने बीबीसी और द इकोनॉमिस्ट के पत्रकारों को आरबीआई नीति की प्रेस कांफ्रेंस में हिस्सा लेने से रोक दिया. शर्मनाक.

स्टैनले पिग्नल के ट्वीट को बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के पत्रकार समीर हाशमी ने रीट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, 'यहां तक कि बीबीसी के पत्रकार को भी प्रेस कांफ्रेंस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. वाक़ई में पारदर्शिता के लिए एक दुखद दिन.' 

हालांकि प्रसार भारती के सदस्य शशि शेखर ने इस कार्रवाई का समर्थन किया है. उन्होंने लिखा है, 'इस बीच पता चला है कि दुनिया के नक्शे पर मौजूद एक छोटे से टापू की किसी आर्थिक पत्रिका को करोड़ों की आबादी वाले देश के सेंट्रल बैंक ने नज़रअंदाज़ कर दिया है.' 

बहरहाल, जिन दोनों पत्रकारों को प्रेस कांफ्रेंस से रोका गया है, उनके हेडक्वॉर्टर ब्रिटेन में हैं. वहीं समीर हाशमी ने कैच न्यूज़ से कहा है कि विदेशी के अलावा कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों को भी बाहर किए जाने की ख़बर है. वहीं कैच न्यूज़ ने इसकी वजह जानने के लिए जब आरबीआई प्रवक्ता अल्पना किलावाला को मेल किया तो कोई जवाब नहीं आया.

सूत्र कहते हैं कि नए गवर्नर उर्जित पटेल मीडिया के साथ सहज नहीं हैं. वह पत्रकारों से नहीं मिलते. सोशल मीडिया पर उनका अकाउंट भी नहीं हैं. रघुराम राजन के कार्यकाल में जब वह डिप्टी गवर्नर थे, तब भी उन्होंने महज़ एक पब्लिक इवेंट को संबोधित किया था. सूत्र ने यह भी बताया है कि इस प्रेस कांफ्रेंस के लिए मीडिया को इनवाइट कॉरपोरेट कम्यूनिकेशंस के दफ़्तर की बजाय डिप्टी गवर्नर विश्वनाथन के ऑफिस से गया था. 

First published: 7 December 2016, 5:12 IST
 
शाहनवाज़ मलिक @catchhindi

स्वतंत्र पत्रकार

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