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ऐसा रहा जस्टिस चेलमेश्वर का सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दिन, CJI दीपक मिश्रा के साथ बैठकर की बातचीत

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2018, 18:15 IST

सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सीनियर न्यायाधीश जस्टिस चेलमेश्वर का शुक्रवार को आखिरी कार्य दिवस था. जस्टिस चेलेमेश्वर ने अंतिम दिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूण के साथ मंच साझा किया. हालांकि पहले उनके चीफ जस्टिस के साथ मंच साझा करने को लेकर असमंजस की स्थिति थी. 

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस चेलेमेश्वर को 19 मई को फेयरवेल पार्टी  में शामिल होने के लिए न्योता दिया था. लेकिन जस्टिस चेलेमेश्वर ने इस पार्टी में शामिल होने से इंकार कर दिया था. 

बता दें कि जस्टिस चेलेमेश्वर चीफ जस्टिस 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो रहे हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में 19 मई से 2 जुलाई के बीच गर्मी की छुट्टी शुरू हो जाएंगी. छुट्टी खत्म होने से पहले ही जस्टिस चेलेमेश्वर रिटायर हो जाएंगे. इसी को देखते हुए जस्टिस चेलेमेश्वर का आज सुप्रीम कोर्ट में अंतिम कार्य दिवस था.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में ये रिवाज है कि रिटायरमेंट होने वाले जज अपने कार्य दिवस के अंतिम दिन चीफ जस्टिस के साथ कोर्ट में बैठते हैं. शुक्रवार के लिए सुप्रीम कोर्ट की कार्य सूची में उनका नाम चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ में शामिल किया गया था. जस्टिस चेलेमेश्वर , चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ कोर्ट में बैठे. उनके साथ जस्टिस डीवाई चंद्रचूण भी थे. इस दौरान  उन्होंने आपस में कुछ देर बातचीत भी की.

आपको बता दें कि जस्टिस चेलेमेश्वर चीफ जस्टिस के कार्य से खुश नहीं थे. जस्टिस चेलेमेश्वर और तीन अन्य जजों मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर कई आरोप लगाए थे. ऐसा पहली बार हुआ था जब सुप्रीम कोर्ट के जजों के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई.

चारों जजों ने सीजेआई के द्वारा रोस्टर बनाने, कॉलेजियम सिस्मट सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी थी. जजों ने सुप्रीम कोर्ट के कामों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर कई सवाल खड़े किए थे.
के लिए उन्हें न्यौता भी दिया था लेकिन जस्टिस ने इनकार कर दिया था.

गौरतलब है कि जस्टिस चेलेमेश्वर ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से अपना करियर शुरू किया. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में 1997 में वो एडिशनल जज बने थे. इसके बाद साल 2007 में गुवाहाटी के चीफ जस्टिस बने. इसके बाद साल 2010 में 2010 में केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने.

First published: 18 May 2018, 18:15 IST
 
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