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जस्टिस जोसेफ नियुक्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट में आज कोलेजियम की मीटिंग, हो सकता है बड़ा फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2018, 8:40 IST

10 जनवरी 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की कोलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने का सुझाव दिया था. लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने सिर्फ वरिष्ठ वकील इंदू मल्होत्रा के जज बनने को अपनी मंजूरी दी थी. जिसे लेकर सरकार पर सवाल उठे थे. इसे लेकर आज कोलिजियम की बैठक में फैसला है सकता है.

इससे पहले 2 मई को सर्वोच्च न्यायालय के कोलेजियम ने चीफ जस्टिस जस्टिस केएम जोसेफ पर अपना फैसला टाल दिया था. दरअसल, उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठता क्रम में दूसरे नंबर के जस्टिस चेलमेश्वर ने एक और चिठ्ठी CJI दीपक मिश्रा को लिखी है. चिट्ठी में उन्होंने CJI से आग्रह किया था कि सरकार की ओर से कोलेजियम की सिफारिश ठुकराए जाने और ऐसे न्यायोचित ठहराने के लिए दी गई दलीलों पर चर्चा के लिए कोलेजियम की बैठक बुलाई जाए.

 

जस्टिस चेलमेश्वर ने CJI को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की दलीलों को खारिज करते हुए कोलेजियम अपनी सिफारिश पर कायम रहे. साथा ही दोबारा जस्टिस जोसफ का नाम सरकार को भेजा जाए.

गौरतलब है कि कोलेजियम में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हैं. बता दें कि बुधवार को कोलेजियम की बैठक होने की चर्चा थी. लेकिन असिस्टेंट रजिस्ट्रार पद के लिए इंटरव्यू की वजह से वरिष्ठता क्रम में दो, तीन और चार नम्बर जजों के इंटरव्यू में व्यस्त होने की वजह से इसे टाल दिया गया था.

कॉलेजियम में आंध्र एवं तेलंगाना हाईकोर्ट, कलकत्ता और राजस्थान हाईकोर्ट के जजों को सुप्रीम कोर्ट में फेयर रिप्रेजेंटेशन के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश पर भी चर्चा होगी. ताकि सीनियरिटी और क्षेत्रीय संतुलन की सरकार की दलीलों का असर भी कम हो जाए.

बता दें कि कोलेजियम ने इसी साल 10 जनवरी को इंदु मल्होत्रा और जस्टिस केएम जोसेफ का नाम सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए भेजा था. तब सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने लिखा था, "केएम जोसेफ सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए जाने के लिए हाई कोर्ट के दूसरे मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ जजों से ज्यादा योग्य और पात्र हैं."

वहीं केंद्र की मोदी सरकार ने जस्टिस जोसेफ का नाम यह कहकर पुनर्विचार के लिए भेजा है कि हाई कोर्ट के जजों में वो वरिष्ठता क्रम में उनसे ऊपर कई न्यायाधीश हैं. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने CJI को भेजे पत्र में लिखा कि जस्टिस जोसेफ के नाम पर पुनर्विचार के अनुरोध को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति के साथ भेजा जा रहा है.

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उन्होंने लिखा था कि हाई कोर्ट के जजों की लिस्ट में जस्टिस जोसेफ का 42वां स्थान है और सुप्रीम कोर्ट में केरल हाई कोर्ट का पहले से पर्याप्त प्रतिनिधत्व है. जस्टिस केएम जोसेफ की मूल नियुक्ति केरल हाई कोर्ट में हुई थी.

First published: 11 May 2018, 8:30 IST
 
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