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कमलेश तिवारी के हत्यारों को 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दबोचा, तीनों ने कबूला जुर्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 October 2019, 13:33 IST

हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में गुजरात एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. यूपी के डीजीपी ने बताया कि तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने एक बयान जारी कर बताया कि हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है.

यूपी डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर केस को सुलझा लिया है. उन्होंने बताया कि हत्या के सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है. हत्या के तार गुजरात से जुड़े हुए पाए गए. उन्होंने यह भी बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के पीछे किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता अभी तक नहीं मिली है.

डीजीपी ने बताया कि तीन लोगों को गुजरात पुलिस के साथ साझा अभियान में गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी का नाम मोहसिन शेख सलीम है. वह सूरत का रहने वाला है और वह साड़ी की दुकान पर काम करता है. दूसरे का नाम फैजान है. वह सूरत के जिलानी अपार्टमेंट का रहने वाला है और जूते की दुकान पर काम करता है. तीसरे आरोपी का नाम रशीद अहमद पठान है. रशीद 23 साल कंप्यूटर जानकार है.

डीजीपी ने बताया कि इन तीनों के अलावा दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया. हालांकि उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. पुलिस उन पर भी नजर रख रही है. गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने दावा किया कि तीनों आरोपियों ने हत्या में अपनी भागीदारी मान ली है.

यूपी डीजीपी ने एक और बात कही है. उन्होंने बताया है कि हत्याकांड में बिजनौर के दौ मौलानाओं के खिलाफ भी नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. साल 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने कमलेश का सिर कलम करने को लेकर इनाम रखा था. शुरुआती जांच में मौलानाओं और सूरत में हिरासत में लिए गए आरोपियों के बीच संबंध खंगाला जा रहा है.

डीजीपी ने कहा कि ऐसा लगता है कि साम्प्रदायिक भावनाएं भड़काकर हत्या करवाई गई है. घटनास्थल पर मिठाई का डिब्बा और तकनीकी सबूत मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज का भी बारीकी से अध्ययन किया गया. उन्होंने बताया कि हत्यारों ने विशेष पोशाक पहनकर हत्याकांड को अंजाम दिया था.

First published: 19 October 2019, 13:14 IST
 
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