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कन्हैया कुमार के करीबी साथी ने उन पर लगाए गंभीर इल्जाम, देश विरोधी नारा लगाने का है आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 August 2018, 14:42 IST

जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और हाल ही में अपनी पीएचडी कंपलीट करने वाले कन्हैया कुमार पर उनके एक खास दोस्त ने गंभीर आरोप लगाया है. जयंत जिज्ञासु नाम के उनके करीबी दोस्त ने कन्हैया पर बड़ा आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. 

पिछले काफी सालों से कन्हैया के साथ काम करने वाले और जेएनयू कैंपस में उनके क़रीबी माने जाने वाले जयंत जिज्ञासू ने एआईएसएफ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने कन्हैया पर जातिवादी होने, जेएनयू कैंपस में संगठन को बर्बाद करने और कन्हैया पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने फेसबुक पोस्ट पर यह सारी बातें लिखी हैं. 

जयंत ने फ़ेसबुक पोस्ट में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव, सुधाकर रेड्डी के नाम लेटर लिखा है. जयंत ने लिखा है, "कॉमरेड, संगठन और पार्टी में एक पूरा पैटर्न दिखता है कि शोषित-उपेक्षित-वंचित-लांछित-उत्पीड़ित लोगों को बंधुआ मज़दूर समझ कर उनके साथ व्यवहार किया जाता रहा है.  झंडा कोई ढोता है, नेता कोई और बनता है."

 

जयंत ने अपने पोस्ट में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के काम करने के तौर-तरीक़ों पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने लिखा है, "आज भी पार्टी किसी दलित को अपना महासचिव बनाने में इतना क्यों सकुचाती-शर्माती है, यह भी समझ से परे है. हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम, सर्वदलीय बैठक, विपक्षी जमावड़े के मौक़े पर डी. राजा नज़र आते हैं, वह राष्ट्रीय सचिव हैं, मगर वो पार्टी को चला सकें, उस अपेक्षित विवेक का दर्शन पार्टी उनमें क्यों नहीं कर पा रही है?"

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बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का आरोप है. दिल्ली पुलिस ने उनके समेत जेएनयू के छह छात्रों पर कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए मामला दर्ज किया था. इन छात्रों पर 9 फरवरी 2016 को संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी के मौके पर भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप था. इसके बाद पुलिस ने कन्हैया को 12 फरवरी को जेएनयू परिसर से गिरफ्तार कर लिया था और 2 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा किया था.

First published: 12 August 2018, 14:36 IST
 
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