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कानपुर: पिता के कंधों पर आखिरी सांसें लेता 'अंश' और दम तोड़ता सिस्टम

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 August 2016, 17:01 IST
(एएनआई)

कानपुर में इंसानी संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. शहर के अस्पताल में एक पिता अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए भटकता रहा, भागता रहा, लेकिन नकारा सिस्टम से हारे पिता को अपने लाडले को खोने का सबसे बड़ा दुख सहना पड़ा है.  

दरअसल सुनील कुमार नाम के शख्स का 12 साल का बेटा अंश छठी का छात्र था. अंश को बहुत तेज बुखार था. इलाज के लिए सुनील अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां बदइंतजामी का ऐसा आलम था कि वो एक से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटते रहे.

स्ट्रेचर देने से किया मना

तस्वीरों में नजर आ रहा है कि सुनील कुमार अपने बेटे अंश को कंधे पर लादे बाल स्वास्थ्य केंद्र की ओर भागे जा रहे हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल से उन्हें वापस भेज दिया गया. सुनील कुमार का आरोप है कि अंश की मौत शुक्रवार को उसके कंधे पर ही हुई, जब वह एक से दूसरे अस्पताल के चक्कर काट रहे थे.

सुनील कुमार का कहना है, "वह छठी कक्षा में पढ़ता था और बहुत होशियार था. मैं सिर्फ नौ मिनट में उसे लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंच गया था, जहां से मुझे सरकारी अस्पताल में जाने के लिए कहा गया." दरअसल रविवार रात से ही अंश को बहुत तेज़ बुखार था.

बाल स्वास्थ्य केंद्र जाने को कहा

सुनील कुमार को आरोप है कि सरकार द्वारा संचालित शहर के सबसे बड़े हैलेट अस्पताल में उनसे अंश को बाल स्वास्थ्य केंद्र में ले जाने के लिए कहा गया.

अंश के पिता का यह भी आरोप है कि उन्हें स्ट्रेचर देने के लिए भी मना कर दिया गया था, सो, वह पैदल ही अंश को कंधे पर लादे बाल स्वास्थ्य केंद्र की ओर ले गए, जहां उन्हें बताया गया कि बच्चे की मौत हो चुकी है.

अस्पताल का लापरवाही से इनकार

अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरसी गुप्ता ने कहा, "हमने उसे दाखिल किया था. हमने पाया, दिल की धड़कन नदारद थी, नब्ज़ नदारद थी. आंखों की पुतलियां फिरी हुई थीं और फैल चुकी थीं. उसकी हालत देखकर ही पता चल रहा था कि उसकी मौत हमारे पास लाए जाने से दो-तीन घंटे पहले ही हो चुकी थी."

इस मामले ने एक बार फिर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है. इससे पहले ओडिशा में एक शख्स को अपनी मृत पत्नी को 12 किलोमीटर तक कंधे पर ढोकर लाना पड़ा था.वहीं राज्य में ही एक अन्य मामले में एक मृत महिला को कंधे पर लेकर जाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने कूल्हे की हड्डी तोड़ दी थी.

First published: 30 August 2016, 17:01 IST
 
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