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जानिए क्यों इतना लंबा चला करगिल युद्ध

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2017, 15:45 IST

भारत और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच मई से जुलाई 1999 के बीच कश्मीर के करगिल जिले में युद्ध हुआ. पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों ने एलओसी पार कर भारत की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी.

पाकिस्तान ने दावा किया था कि लड़ने वाले सभी कश्मीरी उग्रवादी हैं, लेकिन युद्ध में बरामद हुए दस्तावेजों और पाकिस्तानी नेताओं के बयानों से साबित हुआ कि पाकिस्तान की सेना प्रत्यक्ष रूप से इस युद्ध में शामिल थी. इसमें लगभग 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए, 1,363 घायल हुए, 1 युद्धबंदी, भारत का 1 लड़ाकू विमान मार गिराया गया, 1 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और 1 हेलीकॉप्टर मार गिराया गया.

भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाली जगहों पर हमला किया और धीरे-धीरे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से पाकिस्तान को सीमा पार वापिस जाने को मजबूर किया.

यह युद्ध ऊंचाई वाले इलाके पर हुआ और दोनों देशों की सेनाओं को लड़ने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कश्मीर की चोटियों पर पाकिस्तानी सेना तैनात थी. वहां तक पहुचने का एकमात्र रास्ता था नेशनल हाइवे 1-डी, लेकिन लेह से श्रीनगर जाने वाला यह रास्ता टू लेन्स होने की वजह से यहां जाम लग गया.

वहीं इतनी फंचाई पर हवाई जहाज से लोड ले जाना भी संभव नहीं था. उधर पाकिस्तानी सेना ऊंचाई पर थी और भारतीय सेना की हर हलचल को देख पा रही थी. इस वजह से गोला बारूद भी ले जाना भारतीय सेना के लिए मुश्किल हो रहा था.

इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को घेरने की योजना बनाई और उस पर काम किया, जिसके बाद यह युद्ध समाप्त हो सका. यही वजह थी कि इस युद्ध को समाप्त करने में इतना समय भी लगा और इसमें भारतीय सेना के जवान भी शहीद हुए.

कब क्या हुआ?

3 मई- पाकिस्तानी सेना की कारगिल में घुसपैठ की जानकारी स्थानीय चरवाहों ने दी.

5 मई- भारतीय सेना पेट्रोलिंग के लिए गई, पांच भारतीय सैनिकों को बंदी बनाया गया और टॉर्चर कर शहीद किया गया.

9 मई- पाकिस्तानी सेना की ओर से भारी बमबारी में करगिल में मौजूद गोला बारूद का नुकसान.

10 मई- द्रास, ककसर और मुशकोह सेक्टर्स में घुसपैठ देखी गई.

मध्य मई- भारतीय सेना कश्मीर घाटी से करगिल सेक्टर की ओर बढ़ी.

26 मई- भारतीय वायु सेना ने घुसपैठियों पर हवाई हमला किया.

27 मई- भारतीय वायु सेना ने दो पफाइटर्स MiG-21 और MiG-27 गंवाए, Flt Lt Nachiketa को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया.

28 मई- पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना का फाइटर जेट MI-17 मार गिराया, चार क्रू मेंबर्स शहीद हुए.

1 जून- पाकिस्तान ने नेशनल हाईवे 1-ए पर अटैक किए.

5 जून- भारतीय सेना ने तीन पाकिस्तानी सैनिकों से बरामद हुए दस्तावेज पेश किए, जिससे यह साफ हुआ कि इस युद्ध में पाकिस्तान ही शामिल है.

6 जून- भारतीय सेना ने करगिल में जवाबी हमला किया.

9 जून- भारतीय आर्मी ने बटालिक सेक्टर में दो अहम पोजीशंस को वापस हासिल किया.

11 जून- भारत ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ के चीन दौरे और जनरल स्टाफ चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजीज खान की रावलपिंडी में बातचीत के इंटरसेप्ट पेश किए.

13 जून- भारतीय सेना ने द्रास में हालात पर काबू पाया.

15 जून- अमेरिकी प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन ने फोन पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को युद्ध खत्म करने के लिए कहा.

29 जून- भारतीय सेना ने टाइगर हिल के पास दो अहम चौकियां प्वाइंट 5060 और प्वाइंट 5100 पर कब्जा पाया.

2 जुलाई- भारतीय सेना ने करगिल में तीन हमले किए.

4 जुलाई- भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर करीब 11 घंटे की जंग के बाद फिर से कब्जा पाया.

5 जुलाई- भारतीय सेना ने द्रास पर भी कंट्रोल पाया. शरीफ ने पाकिस्तानी आर्मी की करगिल से पीछे हटने की घोषणा की. ऐसा उन्होंने बिल क्लिंटन से मीटिंग के बाद किया.

7 जुलाई- भारत ने बटालिक में जुबर हाइट्स को फिर से हासिल किया.

11 जुलाई- पाकिस्तान ने अपनी सेना को पीछे हटाया. भारत ने बटालिक में अपनी चौकियां हासिल कीं.

14 जुलाई- भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आॅपरेशन विजय की सफलता की घोषणा की. सरकार ने पाकिस्तान से बात करने के लिए अपनी शर्तें रखीं.

26 जुलाई - करगिल का युद्ध समाप्त हुआ.

First published: 25 July 2017, 15:45 IST
 
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