Home » इंडिया » Karnataka and Madhya Pradesh Governments in danger on Congress Crisis from Rahul Gandhi resigns
 

कर्नाटक के अलावा कांग्रेस शासित इस राज्य में सरकार गिरा जल्द सत्ता पर काबिज हो सकती है BJP !

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2019, 12:10 IST

कर्नाटक में सियासी उठापटक तेजी से जारी है, गठबंधन सरकार के 13 विधायकों के इस्तीफे और निर्दलीय विधायक के समर्थन वापस लेने से कुमारस्वामी सरकार खतरे में है. वहीं खबर आ रही है कि मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार पर संकट गहरा सकता है. कांग्रेस पार्टी फिलहाल नेतृत्व क्षमता से जूझ रही है और पार्टी के पास कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है.

नेतृत्व क्षमता के अभाव में कांग्रेस पार्टी में संकट गहराता जा रहा है. एक तरफ कर्नाटक में काग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार के उल्टे दिन शुरू हो गए हैं. वहीं मध्य प्रदेश में भी ऐसे ही राजनीतिक उलटफेर के संकेत दिख रहे हैं.

राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद संकट और गहरा गया है. बीजेपी लोकसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद लगातार पार्टी के विस्तार में जुटी है. बीजेपी के पास इस समय एक दमदार अध्यक्ष और एक कार्यवाहक अध्यक्ष है. वह डबल इंजन की गाड़ी की तरह काम कर रही है और 20 करोड़ सदस्यों को जोड़ने के लिए मैदान में उतर चुकी है.

जबकि कांग्रेस पार्टी नेतृत्व क्षमता से जूझ रही है. कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष तो है ही नहीं बल्कि जिन राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, वहां का प्रदेश नेतृत्व भी उहापोह की स्थिति में है. कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने राहुल के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है. इसके अलावा पार्टी के भी कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है.

इस साल के अंत में हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं. लेकिन महाराष्ट्र में कांग्रेस के पास कोई प्रदेश अध्यक्ष नहीं है. अशोक चव्हाण ने हाल ही में इस्तीफा दे दिया था. जबकि हरियाणा और झारखंड में पार्टी अंतर कलह से जूझ रही है. 

दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में पिछले साल सरकार में आई कांग्रेस की कमलनाथ सरकार खतरे के निशान पर चल रही है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में कई कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया था. उन्होंने कहा था कि कमलनाथ सरकार ज्यादा समय तक चलने की स्थिति में नहीं है.

शिवराज सिंह चौहान के इस बयान से आने वाले वक्त में मध्य प्रदेश में नई सियासी तस्वीर उभरने के संकेत मिलते हैं. राज्य में विधानसभा की 230 सीटें हैं. पिछले चुनाव में भाजपा को 109 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं. बीएसपी और एसपी को एक-एक जबकि 4 सीटें निदर्लीयों को मिली थी. 

अगर बीजेपी निर्दलियों और कुछ अन्य विधायकों को तोड़ने में सफल हुई तो फिर कमलनाथ सरकार संकट में आ सकती है. कांग्रेस के कुछ नेता भी कहते आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जारी संकट का असर प्रदेश की कांग्रेस सरकारों पर पड़ रहा है.

कर्नाटक में रातों-रात बन सकती है BJP की सरकार, 8 कांग्रेस 3 जेडीएस विधायकों का इस्तीफा

कर्नाटक में जल्द लहरा सकता है भगवा झंडा, BJP बोली- हम सरकार बनाने को पूरी तरह तैयार

First published: 8 July 2019, 12:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी