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कर्नाटक चुनाव: जिंदा है अशोक पुजारे, जिसके 'जिहादी ताकतों' द्वारा मारे जाने की सहानुभूति बटोर रही है BJP

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2018, 14:34 IST

पिछले साल कर्नाटक के उडुप्पी से भाजपा सांसद शोभा करांदलजे ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर 23 बीजेपी कार्यकर्ताओं की सूची सौंपी थी. इसमें उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के नाम लिखे थे जिन्हें बीजेपी सांसद के अनुसार, पिछले पांच सालों में कथित जिहादी ताकतों द्वारा मौत के घाट उतार दिए गए थे.

अब बीजेपी उन्हीं कार्यकर्ताओं का नाम ले-लेकर कर्नाटक में चुनाव प्रचार कर रही है. बीजेपी इन नामों के जरिए कर्नाटक चुनाव में जनता का सहानुभूति भी बटोर रही है. पीएम मोदी भी अपनी जनसभाओं में भाजपा के 23 कार्यकर्ताओं की मौत का मामला उठा चुके हैं.

लेकिन खुलासा हुआ है कि जिन 'शहीद' कार्यकर्ताओं के नाम पर बीजेपी सहानुभूति बटोर रही है उनमें से एक कार्यकर्ता अभी भी जिंदा है. उसका नाम अशोक पुजारे है. निजी टीवी चैनल एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी सांसद ने जो लिस्ट भेजी थी उसमें अशोक पुजारे का भी नाम शामिल था. लिस्ट में दिए आंकड़ों के अनुसार, अशोक पुजारे की 20 सितंबर 2015 को हत्या कर दी गई थी.

लेकिन एनडीटीवी के पत्रकार ने इस लिस्ट को झूठा बता दिया है. एनडीटीवी के पत्रकार ने अशोक पुजारे से मुलाकात भी की है. मुलाकात के दौरान पुजारे ने बताया कि उसे भाजपा सांसद शोभा करांदलजे का फोन आया था और उन्होंने कहा था कि उसका नाम मृतकों की लिस्ट में शामिल करना एक गलती था.

मुलाकात के दौरान पुजारे ने बताया कि वह बजरंग दल और भाजपा के साथ जुड़ा रहा है. साल 2015 में 3 मोटरसाइकिल सवार 6 लोगों ने उस पर उस वक्त हमला किया था, जब वह काम से अपने घर लौट रहा था. उस पर यह हमला इसलिए किया गया था क्योंकि वह हिंदुत्व संगठन के साथ जुड़ा हुआ है.

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एनडीटीवी के पत्रकार को पुजारे ने बताया कि हमलावरों ने उसे भगवा गमछे से पहचाना, जोकि उसने अपनी सिर पर बांधा हुआ था. हमले में घायल हुआ पुजारे 15 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहा. कांग्रेस का कहना है कि 23 में से 14 हत्याओं में मुस्लिम हमलावर नहीं हैं और ये लोग आत्महत्या या रंजिश के तहत मारे गए हैं.

First published: 5 May 2018, 14:34 IST
 
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