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SC ने आधी रात सुनवाई के बाद कहा, येदियुरप्पा की शपथ पर नहीं लगा सकते रोक लेकिन करना होगा ये काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 May 2018, 7:22 IST

कर्नाटक में 15 मई को आए विधानसभा चुनाव रिजल्ट के बाद लगातार नाटक जारी है. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) सुप्रीम कोर्ट गए थे. इसके लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजोंं की बेंच (जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस सीकरी और जस्टिस बोबडे) ने सुनवाई की.

कोर्ट ने फिलहार येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है लेकिन येदियुरप्पा को आज दो बजे तक विधायकों की लिस्ट सौंपने को कहा है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि विश्वास मत साबित करने के लिए दिया गया 15 दिन के समय पर सुनवाई हो सकती है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने रात के 1:45 बजे मामले पर सुनवाई शुरू की. मामले में केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, बीजेपी की ओर से पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट ने गवर्नर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगाई जा सकती है.

हालांकि जब कोर्ट ने कहा कि शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लग सकती तो अभिषेक मनु सिंघवी ने मांग रखी कि शपथ ग्रहण समारोह को 4:30 बजे तक के लिए टाल दिया जाए. लेकिन कोर्ट ने इस मांग को भी मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने इसके साथ ही दोनों पक्षों समेत येदियुरप्पा को एक जवाब दाखिल करने का नोटिस भी जारी किया.

बता दें कि कांग्रेस की याचिका पर अटार्नी जनरल ने कोर्ट से कहा था कि कोर्ट इस याचिका को खारिज करे दें. 15 दिन का समय दिए जाने पर जब कोर्ट ने सवाल पूछा तो मुकुल रोहतगी बोले, "सुप्रीम कोर्ट चाहे तो इस समय को 10 दिन या सात दिन कर सकता है."

फिलहाल मामले पर शुक्रवार को 10:30 बजे फिर से सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिका बाद में सुनवाई का विषय है.

First published: 17 May 2018, 6:44 IST
 
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