Home » इंडिया » Karnataka Board Class 10 topper gets 625 Marks out of 625 after Re Evaluation
 

625 में से 624 नंबर आए तो टॉपर ने दोबारा चेक कराई कॉपी, फिर आया ये चौकाने वाला नतीजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 June 2018, 16:51 IST

क्या आपने कभी सुना है कि जिस बच्चे ने परीक्षा में टॉप किया हो, उसने अपनी परीक्षा कॉपी को दोबारा चेक कराने के लिए आवेदन किया हो. वो भी महज पूर्णांक मे एक नंबर कम होने की वजह से. लेकिन कर्नाटक के मोहम्मद कैफ मुल्ला ने ऐसा ही किया. क्योंकि उन्हें दसवीं क्लास में पूर्णांक में मात्र एक नंबर कम मिला था.

बता दें कि कर्नाटक बोर्ड में 10वीं क्लास में मोहम्मद कैफ मुल्ला ने संयुक्त रूप से टॉप किया था. उन्हें 625 में से 624 नंबर मिले थे. ये बात उन्हें पसंद नहीं आई कि आखिर उन्होंने संयुक्त रूप क्यों टॉप किया. वो जानना चाहते थे कि आखिर उनका एक नंबर कहां काट दिया गया. इसीलिए उन्होंने इवैलुएशन फॉर्म भर दिया. बता दें कि कर्नाटक बोर्ड के दसवीं के एग्जाम में 13 लाख बच्चे बैठे थे. जिनमें सैफ ने टॉप किया था. लेकिन उनके साथ एक बच्चे को और उन्हीं के बराबर मार्क्स मिले थे.

बता दें कि कैफ का ये 1 नंबर विज्ञान विषय में कटा था. बाकी सभी सब्जेक्ट्स में उन्हें 100 में से 100 नंबर मिले हैं. इसीलिए उन्होंने री इवैलुएशन यानी कॉपी दोबारा चेक करने के लिए अर्जी डाल दी है. सैफ मुल्ला सेंट जैवियर हाई स्कूल में पढ़ते हैं. वो करते हैं मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे 100% नंबर आएंगे. मैंने सभी टीचरों को अपने जवाब बताए थे और मॉडल आंसर शीट्स से आंसर मिलाए थे. ऐसे में कोई सवाल ही नहीं उठता कि मेरा एक नंबर कटे.

उसके बाद बोर्ड में उनकी कॉपी चैक की गई. जिसमें उन्हें साइंस में 100 से 100 नंबर दिए गए. इसी के साथ उन्होंने पूरे कर्नाटक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में अकेले टॉप कर दिया.

बता दें कि सैफ के पिता सरकारी स्कूल में उर्दू टीचर हैं. उनकी मां भी एक स्कूल टीचर हैं और सरकारी हाई स्कूल में कन्नड़ पढ़ाती हैं. लेकिन सैफ पिता और मां की तरह टीचर नहीं बनना चाहते. उनका सपना देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा आईएएस में जाने का है.

ये भी पढ़ें- इस गांव के बच्चे नहीं जानते कौन है उसका बाप, हैरान करने वाली है सच्चाई

First published: 9 June 2018, 16:44 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी