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कर्नाटक: 22 साल बाद खुद को दोहरा रहा है इतिहास, देवगौड़ा के फैसले ने BJP को कर दिया था सत्ता से बाहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 May 2018, 8:12 IST

कर्नाटक विधानसभा चुनाव का नतीजा मंगलवार को ही आ चुका है. लेकिन अभी भी यहां सरकार बनाने को लेकर स्थिति साफ नहीं हैं. कर्नाटक के इस महा-संग्राम में आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. कर्नाटक में भाजपा के नेता बीएस येदियुरप्पा के सीएम पद के शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस ने देर रात सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की.

इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों ने आधी रात को सुनवाई की. इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस अशोक भूषण की तीन जजों की बेंच ने की. कांग्रेस की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि येदियुरप्पा की शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगायी जा सकती.

कर्नाटक के इस मिड-नाईट हाई वोलटेज ड्रामे को लेकर सोशल मीडिया भी सक्रिय हो गया है. कांग्रेस और बीजेपी के इस तनातनी को लेकर वॉट्सऐप पर मैसेज प्रसारित किये जा रहे हैं. जिसमे लिखा है कि 22 साल बाद एचडी देवगौड़ा और राज्यपाल वजुभाई एक बार फिर आमने-सामने आ खड़े हुए हैं. सोशल मीडिया के इस सर्कुलेटेड मैसेज को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने अपनी फेसबुक पर भी पोस्ट किया है.

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राममाधव की फेसबुक वाल पर शेयर किये मैसेज के अनुसार, '''वॉट्सऐप पर एक रोचक तथ्‍य मुझे मिला है. कांग्रेस के कर्म उसका पीछा करते हुए 22 साल बाद कर्नाटक आए हैं. ये बात 1996 की है जब गुजरात की बीजेपी सरकार को राज्‍यपाल कृष्‍णपाल सिंह की सिफारिश के बाद हटा दिया गया था. उस वक्‍त गुजरात में बीजपी की सरकार थी. लेकिन बीजेपी नेता शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. इसके बाद बीजेपी की सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करना पड़ा. इस दौरान विधानसभा में बहुत हंगामा हुआ. इस पर स्‍पीकर ने पूरे विपक्ष को एक दिन के लिए सस्‍पेंड कर दिया.''

गौरतलब है कि गुजरात में इसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने के लिए राष्ट्रपति से कहा था. जिसके बाद तुरंत ही विधानसभा को भंग कर दिया गया था. 22 साल पहले देवगौड़ा ने ये फैसला लिया था. गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष का पद उस वक़्त वजुभाई संभाल रहे थे. देवगौड़ा का ये फैसला बीजेपी की सत्ता के लिए घातक साबित हुआ. देवगौड़ा के इस फैसले की वजह से ही बीजेपी को सत्ता गंवानी पड़ी थी.

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22 सालों के बाद फिर देवगौड़ा और वजुभाई का आमना-सामना

गुजरात के बाद अब कर्नाटक में दोबारा ऐसी स्थिति है जब देवगौड़ा और वजुभाई एक दूसरे के सामने हैं. कर्नाटक में देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का मौका है. इस बात पर निर्णायक फैसला राज्यपाल वजुभाई को ही करना है. इसी राजनीतिक समीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक बनाया जा रहा है.

ऐसा कहा जा रहा है कि 22 साल पुराने कारण आज फिर आमने- सामने आकर खड़े हो गए हैं. बड़ी बात ये है की व्हाट्सअप के ऐसे मैसेज को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव की फेसबुक वाल पर भी शेयर किया है. जिसके बाद ये मैसेज और तेजी से सोशल मीडिया पर घूमने लगा.

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First published: 17 May 2018, 8:10 IST
 
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