Home » इंडिया » Karti Chidambaram May Be Arrested By ED
 

एयरसेल-मैक्सिस केस: ईडी कर सकता है कार्ती चिदंबरम को गिरफ्तार

सादिक़ नक़वी | Updated on: 3 September 2016, 11:41 IST
QUICK PILL
  • एयरसेल-मैक्सिस घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूर्व गृहमंत्री और वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम से पूछताछ के लिए कई बार समन भेज चुकी है. 
  • जांच एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले की जांच कर रही है जो 2जी घोटाले से जुड़ा हुआ है. एजेंसी की माने तो इस बार कार्ती चिदंबरम को हिरासत में लिया जा सकता है.
  • ईडी कार्ती चिदंबरम के बारे में अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है. कार्ती चिदंबरम लगातार ईडी के समन को नजरअंदाज कर रहे हैं.

एयरसेल-मैक्सिस घोटाला मामले में ईडी पूर्व गृहमंत्री और वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम से पूछताछ के लिए कई बार समन भेज चुकी है. जांच एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले की जांच कर रही है जो 2जी घोटाले से जुड़ा हुआ है. एजेंसी के सूत्र ने कहा कि सभी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमें कानूनी सलाह क्या मिलती है. 

सूत्र ने कहा, 'कार्ती चिदंबरम को गिरफ्तार भी किया जा सकता है लेेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होगी.'

बुधवार को तीसरी बार कार्ती ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए. तीसरे समन में उन्हें निजी तौर पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया था. वित्त मंत्री के एक सूत्र ने कहा, 'यह अजीब बात है कि वह ईडी से यह पूछ रहे हैं कि उनक अपराध क्या है और वह जांच में सहयोग नहीं दे रहे हैं.' 

सूत्र ने कहा, 'क्या उन्हें सवाल पूछने की बजाए हमारे सवालों का जवाब नहीं देना चाहिए.'  इस बीच कार्ती ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'ईडी इस मामले में बेहतर जवाब दे सकती है कि उन्हें किस आधार पर ईडी ने समन भेजा है.'

इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम को कोलकाता ईडी बयान के लिए उन्हें हाजिर होने का समन दे चुकी है. नलिनी से शारधा घोटाला मामले में पूछताछ की जानी है.

बार-बार पूछताछ के लिए समन भेजे जाने के बावजूद कार्ती ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए

नलिनी उस वक्त जांच के दायरे में आ गई थीं जब यह बात सामने आई कि उन्हें शारधा से 1.26 करोड़ रुपये मिले थे. इस बीच सीबीआई चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान एयरसेल मैक्सिस डील को मिली एफआईपीबी मंजूरी की भी जांच कर रही है.

एयरसेल मैक्सिस डील में फायदा के बदले फायदा पहुंचाने का आरोप है. माना जाता है कि चिदंबरम ने एफआईपीबी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इसे मंजूरी दी.

सूत्र ने कहा कि डील में हुआ सौदा नवंबर 2007 से 2010 के बीच का है. ईडी को पता चला है कि चेस मैनेजमेंट सर्विसेज को मैक्सिस ग्रुप की कंपनी बूमि आर्मडा बरहड से 1 लाख डॉलर से अधिक की रकम मिली. जांचकर्ताओं का कहना है कि चेस मैनेजमेंट को मैक्सिस मोबाइल एडीएन बीएचडी से अन्य 60,000 डॉलर मिले. इसके अलावा उसे एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क से 35,000 डॉलर की रकम मिली.

एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क उन कंपनियों में से एक है जिसे ईडी ने पूर्व मंत्री दयानिधि मारन और सन टीवी के प्रमुख कलानिधि मारन के साथ चार्जशीट किया है. डीएमके नेता और पूर्व मंत्री मारन ने कथित तौर पर शिवशंकरण को अपनी मोबाइल सेवा मलेशियाई कंपनी मैक्सिस को बेचने के लिए बाध्य किया. शिवशंकरण एयररसेल के प्रमुख है.

कार्ती की कई कंपनियां घपले में शामिल!

चेस मैनेजमेंट एलएलसी ही एकमात्र कार्ती की कंपनी नहीं है जो जांच के दायरे में है. जांच अधिकारी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह कंपनी परोक्ष रूप से कार्ती केे नियंत्रण में है और एयरसेल मैक्सिस डील में संलग्न है.

वित्त मंत्री के सूत्रों का कहना है कि एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग के एक निदेशक रवि विश्वनाथन ने ईडी को बताया कि कार्ती ही इस विवादित कंपनी को नियंत्रित करते हैं. ईडी पिछले साल विश्वनाथ से पूछताछ कर चुकी है.

ईडी ने कार्ती से जुड़ी कई कंपनियों पर छापे भी मारे हैं. पी चिदंबरम हालांकि इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहते हैं कि सब कुछ राजनीतिक बदलेबाजी की भावना की वजह से किया जा रहा है.

कार्ती ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि एयरसेल से उनका संबंध बस इतना है कि उनके पास इस कंपनी की एक सिम कार्ड है.

First published: 3 September 2016, 11:41 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी