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कासगंज: ठाकुरों के मोहल्ले से निकलनी थी दलित युवक की बारात, डीएम ने दिए ये आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2018, 9:55 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर )

अपनी पसंद के रास्ते से अपनी बारात ले जाने के लिए एक जाटव युवक को लम्बे समझौतों के दौर से गुजरना पड़ा. कासगंज गांव में जिला प्रशासन को दूल्हे और उसके ससुराल वालों के पड़ोसियों के बीच समझौता कराना पड़ा.

दरअसल दूल्हा एक जाटव युवक है जिसकी शादी निज़ामपुर की रहने वाली एक लड़की से तय हुई है. लड़की के पडोसी ठाकुर हैं. और एक दलित युवक की बारात ठाकुरों के मोहल्ले से गुजरना 'सम्मान' का विषय बन गया. संजय कुमार जाटव जो की एक 27 साल का युवा है और ब्लॉक डेवलपमेंट का सदस्य भी, उसे अपनी बारात ठाकुरों के मोहल्ले से ले जाने के लिए अनुमति लेनी पड़ी.

यहां तक कि इस मुद्दे पर वो इलाहाबाद हाई कोर्ट भी गया, जहां इसे सम्मान और समानता का मुद्दा बताया हालांकि उसकी याचिका ख़ारिज कर दी गयी.

कुमार की बारात के रास्ते को लेकर जो समझौता हुआ उसमे एक लिखित पत्र है जिसमे ये लिखा गया, '' कोई भी राजनैतिक और अराजनैतिक पार्टी इस बरात का हिंसा नहीं होगी. बारात में कोई भी किसी तरह के हथियार को लेकर नहीं जायेगा जिससे की शांति बरकरार रखी जा सके. कोई शराब का सेवन भी नहीं करेगा और न ही किसी तरह की आपत्तिजनक भाषा या भाषण का प्रयोग नहीं किया जायेगा. सभी लोग शादी के दौरान शांति बनाये रखेंगे.''

 

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कासगंज डीएम आर पी सिंह और सीनियर पुलिस ऑफिसर ने एक मीटिंग बुलाई जहां इस पात्र पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर लिए गए. इस मीटिंग में ठाकुर परिवार, कुमार परिवार और लड़की के परिवार वाले शामिल थे.

जिला पुलिस ने CRPC की धारा 144 के अंतर्गत निषेधात्मक आदेश जारी किया, और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए एक पुलिस टीम को गांव भेजा. गांव के 40 ठाकुर परिवार और 5 जाटव परिवारों से एक एफेडेविट साइन करवाया गया कि दोनों पक्ष किसी भी तरह की हिंसा नहीं करेंगे.

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इंडिया एक्सप्रेस से बात करते हुए कुमार ने कहा, ''मैं संतुष्ट और खुश हूं यह एक जीत है मैं भी सामान्य लोगों की तरह विवाह करना चाहता था मैं नहीं जानता कि अधिकारियों ने कैसे सहमति जताई लेकिन मैं खुश हूं.''

 

First published: 10 April 2018, 9:55 IST
 
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