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'आतंकी हाफिज सईद के काफी करीबी हैं कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज'

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2018, 11:12 IST

कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज के जम्मू-कश्मीर की आजादी और सेना पर दिए बयान से देश की इस सबसे पुरानी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. भारतीय जनता पार्टी उन पर हमलावर है. जम्‍मू-कश्‍मीर बीजेपी अध्‍यक्ष रविंद्र रैना ने सनसनीखेज दावा किया है कि कांग्रेस के सीनियर नेता सैफुद्दीन सोज और गुलाम नबी आजाद के लिंक लश्कर-ए तैयबा चीफ हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर से है.

वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आजाद के बयान को गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और सेना का मनोबल तोड़ने वाला बताते हुए कहा कि आजाद की इस टिप्पणी से सबसे ज्यादा खुश पाकिस्तान होगा.

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर में सैन्य ऑपरेशन में आतंकवादी से ज्यादा आम लोगों के ज्यादा मारे जाने की बात कही थी. वहीं सैफुद्दीन सोज ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बयान का समर्थन किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीरी आजादी चाहते हैं. सोज का कहना था कि मुशर्रफ का एक दशक पहले दिया गया ये बयान आज भी कई मायनों में ठीक बैठता है.

 

इसके बाद बीजेपी इन दोनों नेताओं पर हमलावर है. बीजेपी नेता रविंद्र रैना ने कहा, "कांग्रेसी नेताओं के आतंकी लिंक की वजह से ही आतंक के सरगना इन्‍हें मानते हैं. असल में कांग्रेस लश्कर और जैश के साथ महागठबंधन कर रही है. ताकि 2019 में मोदी को हराया जा सके."

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वहीं पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी सैफुद्दीन सोज और गुलाम नबी आजाद के बयान पर हमला बोला. उन्होंने कहा, "जब यह सत्ता में होते हैं तो कश्मीर को भारत का अटूट अंग बताते हैं और जब सत्ता से बाहर चले जाते हैं तब अचानक उनको इस तरह के ज्ञान प्राप्त होते हैं. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि कश्मीर का आम युवा कांग्रेस की इस प्रकार की दोहरी राजनीति को समझने लगा है."

जितेेंद्र सिंह ने कहा, "कांग्रेस को लगता है कि मोदी जी के सामने उनके पास कोई विकल्प नहीं है इसलिए देश के खिलाफ बयान दे रहे हैं. जहां तक गुलाम नबी आजाद की बात है तो उन्हें फैसला करना होगा कि वह लश्कर के साथ हैं या भारत के साथ."

First published: 23 June 2018, 9:11 IST
 
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