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कठुआ गैंगरेप केस: फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुई मासूम से रेप की पुष्टि, आरोपियों का DNA हुआ मैच

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2018, 14:41 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

कठुआ गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल अभी तक इस मामले में पकड़े गए आरोपी खुद को निर्दोष बता रहे थे, मगर दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की जो रिपोर्ट आई है वह आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. फॉरेंसिक लैब ने पुष्टि की है कि इस मामले में जो भी सबूत सामने आए हैं वो सब सच हैं.

फॉरेंसिक लैब में खुलासा हुआ है कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में मिले खून के धब्बे आरोपी के खून से मैच कर रहे हैं. इसके अलावा मंदिर के पास मिले खून के धब्बे भी आरोपियों के खून से मैच कर रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पीड़िता के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे उसके डीएनए से मैच करते हैं.

एक वरिष्ठ फॉरेंसिक लैब अधिकारी ने कहा कि जो भी चीजें परीक्षण के लिए लाई गई थीं उन सभी से बलात्कार की पुष्टि होती है. उन्होंने बताया कि आरोपी के डीएनए नमूने पुलिस द्वारा एकत्र किए गए सबूतों से मेल खाते हैं.

आपको बता दें कि 10 से 17 जनवरी के बीच में कठुआ के एक गांव में 8 साल की मासूम से गैंगरेप किया गया था. पिछले कुछ दिनों में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें 4 पुलिसवालों समेत 8 लोगों को आरोपी ठहराया गया है. कठुआ मामले की जांच कर रही जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को जांच में अड़चन का का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि उसे जो सबूत मिले थे, वह आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे.

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आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके. जम्मू-कश्मीर की फॉरेंसिक लैब भी कपड़ों पर खून के धब्बे तलाशने में नाकामयाब रही थी. इसकी वजह से एसआईटी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर पा रही थी. इसके बाद राज्य के डीजीपी ने गृह मंत्रालय से मदद मांगी थी कि सबूतों की जांच दिल्ली फॉरेसिंक लैब द्वारा की जाए.

First published: 21 April 2018, 13:07 IST
 
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