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कठुआ गैंगरेप: दिल्ली फॉरेंसिक रिपोर्ट से हुआ ये बड़ा खुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2018, 10:06 IST

कठुआ गैंगरेप मामले में एक नया खुलासा हुआ है. फॉरेंसिक लैब (FSL) में हुई जांच से तमाम सबूतों के सच होने की पुष्टि हुई है. एफएसएल की रिपोर्ट में इस बात की पुष्ट‍ि की पुष्टि हुई है कि मंदिर में मिले खून के धब्बे पीड़िता के ही हैं. इससे इस बात की लगभग पुष्ट‍ि हो जाती है कि आठ साल की बच्ची से मंदिर के अंदर ही बलात्कार किया गया.

दिल्ली FSL ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मंदिर से मिले बाल की जांच करने पर पता चला कि उसकी डीएनए प्रोफाइल एक आरोपी शुभम सांगरा से मिलती है. इस रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि पीड़िता के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे उसके डीएनए प्रोफाइल से मैच करते हैं

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गौरतलब है कि कठुआ मामले की जांच कर रही जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को जांच में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. सबूतों के साथ आरोपियों ने छेड़छाड़ की थी कि क्योंकि उसे जो सबूत मिले थे, वह आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे.

 

आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके. राज्य का फॉरेंसिक लैब भी कपड़ों पर खून के धब्बे तलाशने में विफल रहा था. इसकी वजह से एसआईटी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर पा रही थी.

राज्य के डीजीपी ने गृह मंत्रालय से मदद मांगी थी कि सबूतों की जांच दिल्ली फॉरेसिंक लैब द्वारा की जाए. मार्च में ही पीड़िता के कपड़े, मल और अन्य कई सबूतों को जांच के लिए दिल्ली फॉरेंसिक लैब भेजा गया. पीड़िता के साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे.

 

 

First published: 20 April 2018, 10:06 IST
 
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