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कठुआ गैंगरेप केस: भाजपा ने जारी किया भड़काऊ वीडियो, क्राइम ब्रांच पर लगाए आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2018, 8:46 IST

कठुआ रेप केस के आरोपियों के समर्थन में जम्मू कश्मीर में भाजपा ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक वीडियो डाल कर मामले को और गंभीर कर दिया है. वीडियो में क्राइम ब्रांच की जांच और 8 साल की एक मासूम के बलात्कारी की गिरफ़्तारी पर सवाल उठाये गए हैं.

भाजपा की तरफ से ये वीडियो तब अपलोड किया जब अभी हाल ही में भाजपा के दो नेताओं को आरोपी की तरफदारी कर रही रैली में शामिल होने के कारण पद खोना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के तीसरे दिन ही भाजपा ने ये वीडियो अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया.

बीजेपी का ये कदम पीडीपी के साथ गढ़बंधन में कुछ दरार ला सकता है क्योंकि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती और उनकी पार्टी कठुआ मामले में किसी भी लापरवाही के खिलाफ हैं, और आरोपी के समर्थकों पर सवाल उठाये.

वीडियो को 'कठुआ तथ्यों का बड़ा खुलासा' टाइटल के साथ अपलोड किया गया. अपलोड करने के बाद बीजेपी की आआईटी सेल ने अपील की इस वीडियो को व्हाट्स-ऐप, सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा फैलाया जाए. वीडियो में मोनिका अरोरा को दिखाया गया है जो कि फैक्ट फाइंडिंग मिशन पर जाने वाले 5 सदस्यों में से एक हैं.

कठुआ मर्डर और रेप कैसे में पीड़िता के गाँव और परिवार वालों से मिलकर तथ्यों को जुटाने के लिए ये टीम तैयार की गयी थी जिसमें मीरा खडकर नागपुर की रिटायर्ड जिला जज, कश्मीर की पत्रकार सरजाना शर्मा, दिल्ली यूनिवर्सिटी के पोलिटिकल साइंस विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर सोनाली और समाज सेवी मोनिका अग्रवाल शामिल थे.

टीम ने पीड़िता के परिवार के बयानों के आधार पर रिपोर्ट बनाई. टीम पीड़िता के परिवार से नहीं मिली और न ही मुस्लिम बकरवाल समुदाय के लोगों से और न ही इस बात को रिपोर्ट में दर्ज किया गया. ग्रुप ने मुख्यमंत्री मुफ़्ती के साथ मीटिंग की तस्वीरें साझा की. लेकिन इस रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े उनके विचारों को शामिल नहीं किया. 

जम्मू कश्मीर के भाजपा प्रवक्ता सुनील सेठी ने बताया कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह को सौंप दी है. सेठी ने इंडियन एक्स्प्रेस से हुई बातचीत में कहा कि रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गयी है इसलिए हमने उसे वेबसाइट पर अपलोड किया इसका मतलब ये नहीं है कि हमने रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है.

टीम रिपोर्ट में लिखा है,''कथुआ मामले में सीबीआई जांच की मांग एक वैध मांग है .न्याय केवल होना नहीं चाहिए, दिखना भी चाहिए कि न्याय हुआ है.''

बकरवाल समुदाय को 'राष्ट्रवादी समुदाय' बताते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि रसाना गांव के लोग बहुत राष्ट्रवादी है और उनमे से अधिकांश लॉफ सेना से रिटायर्ड हैं. इसमें जम्मू की क्राइम ब्रांच टीम पर गैंग रेप के चार्ज पर सवाल किया गया. रिपोर्ट में तीन लोगों के द्वारा किये गए रेप के चार्ज पर ये कहते हुए सवाल उठाये की इसी तरह के दूसरे केस में पीड़िता के निजी अंगों से अत्यधिक ब्लीडिंग की पुष्टि हुई जबकि यहाँ तो सिर्र्फ खरोंच के निशान पाए गए हैं.

रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि देवस्थान जहां पर पीड़िता को ड्रग देने और रेप करने का मामला दर्ज है वो कोई मंदिर या देवस्थान है ही नहीं. रिपोर्ट में भाषा को लेकर भी सवाल उठाये गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि चार्ज शीट को इंग्लिश में क्यों बनाया गया उर्दू में क्यों नही?

रिपोर्ट में  क्राइम ब्रांच की जांच में कई सवाल उठाये हैं , रिपोर्ट में सवाल किया गया है कि पीड़िता के पार्थिव शरीर को मुख्य आरोपी के घर के 100 मीटर के पास ही क्यों फेंका गया? देवस्थान को सील क्यों नहीं किया गया.

गौरतलब है कि पिछले महीने चौतरफा निंदा के बाद आरोपी की तरफदारी करने वाली हिन्दू एकता मंच की रैली में शामिल होने के कारण बीजेपी के नेता चन्द्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह को कैबिनेट से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. पार्टी ने पिछले सोमवार डिप्टी मुख्यमंत्री को कविंदर गुप्ता के साथ रिप्लस किया था, जिन्होंने कठुआ रेप केस को छोटा मुद्दा बताया था.

First published: 5 May 2018, 8:32 IST
 
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