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कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के परिवार ने बयां किया दर्द, ठुकराई CBI जांच की मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2018, 10:29 IST

कठुआ गैंगरेप और हत्या का मामला किसी की भी झकझोर सकता है. ऐसे में इस मामले को संवेदनाओं को ताक पर रख कर खूब राजनीति भी हुई. वहीं पीड़िता के घर वाले इस मामले में आगे और जांच नहीं चाहते हैं, वो क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हैं. NDTV से मुखातिब पीड़िता के परिवार का कहना है कि पीड़ित परिवार का कहना है कि जब रिपोर्ट लिखाई तब आरोपी को नहीं पकड़ा गया और आरोपी छूटे तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता है.

परिवार का कहना है कि इंसाफ़ दो या मार डालो. परिवार का कहना है कि सांझी राम बेगुनाह नहीं है. उन्‍होंने कहा कि बहुत लोग उनके पास आए और कहा कि CBI जांच की मांग करो. इस मामले में दो मुख्य आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई को जांच सौंपने की मांग की थी ताकि उन्‍हें न्‍याय मिल सके. गौरतलब है कि जनवरी में आठ साल की एक बच्ची का शव कठुआ के रासना जंगल से मिला था. उससे गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. आरोपियों ने मुकदमे को चंडीगढ़ स्थानांतरित किए जाने की याचिका का भी विरोध किया.

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सांझी राम का दावा पुलिस नहीं करा पाई निष्पक्ष जांच
सांझी राम और विशाल जंगोत्रा ने दावा किया कि पुलिस एक निष्पक्ष और प्रभावी जांच करने में नाकाम रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच करने वाली विशेष जांच टीम ( एसआईटी ) में दागी अधिकारी शामिल थे. शीर्ष न्यायालय में दाखिल किए गए अपने हलफनामे में आरोपियों ने मृतका के पिता की उस याचिका का विरोध किया है जिसके तहत उन्होंने मुकदमे की सुनवाई कठुआ से चंडीगढ़ स्थानांतरित करने की मांग की है.

उन्होंने दलील दी है कि मामले में 221 गवाह हैं और चंडीगढ़ जाकर अदालती कार्यवाही में शामिल होना उनके लिए मुश्किल होगा. गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने 27 अप्रैल को मुकदमे की सुनवाई पर सात मई तक के लिए रोक लगा दी थी. आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है.

First published: 6 May 2018, 10:29 IST
 
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