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किसान आत्महत्या से पस्त, चंद्रशेखर राव यज्ञ में व्यस्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 November 2015, 9:06 IST
QUICK PILL
  • तेलंगाना की खराब वित्तीय हालत और सूखे से किसानों की खुदकुशी के बढ़ते मामलों के बावजूद केसीआर ने सरकारी खजाने से 5 करोड़ रुपये की बुलेट प्रूफ कार खरीदी.
  • राहत और बचाव कार्य पर सरकार का ध्यान नहीं, पांच दिनों तक 5000 पुरोहितों और तीन करोड़ रुपये की लागत से सरकारी स्तर पर यज्ञ करने की तैयारियों में व्यस्त केसीआर.

प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसी राज्य के लिए इससे ज्यादा दुर्भाग्य की बात क्या हो सकती है कि वहां कि सरकार ही असंवेदनशील हो जाए. नए नवेले तेलंगाना सूबे के लोगों की यही त्रासदी है. हाल ही में तेलंगाना ने राज्य को सूखा प्रभावित घोषित करते हुए केंन्द्र सरकार से सहायता की मांग की है. राज्य में सूखे के कारण किसान आत्महत्या की दर बड़ी तेजी से बढ़ी है. लेकिन राज्य की सरकार हैदराबाद हाईकोर्ट में आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर कानूनी लड़ाई में उलझी हुई है. 

हैदराबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें दावा किया गया है कि पिछले एक साल में 1,347 किसानों ने आत्महत्या की है जबकि सरकार का कहना है कि पिछले एक साल में सिर्फ 342 किसानों ने खुदकुशी की है. राज्य सरकार ने इस याचिका के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है और फिलहाल वह यह साबित करने की कोशिशों में जुटी हुई है कि आत्महत्या को लेकर उसका आंकड़ा ज्यादा सटीक है. 

शुक्रवार को हाई कोर्ट में दिए गए हलफनामे में सरकार का दावा है कि शादी पर भारी भरकम रकम लुटाने और बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजे जाने की वजह से किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा. ऐसा लगता है कि किसानों की चिंताओं का समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार ही नहीं है.

सरकार क्या कर रही है ?

कुछ महीनों पहले ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपने लिए 5 करोड़ रुपये की बुलेट प्रूफ वैनिटी वैन खरीदी है. राव की इस मोडिफाइड मर्सिडीज बेंज में 12 सीटों के साथ एक कॉन्फ्रेंस रूम, रेस्ट रूम और वैन की छत तक पहुंचने के लिए एक शानदार सीढ़ी है जिसकी मदद से वह लोगों को अपने वैन से संबोधित करते हैं.

क्या इस बस की जरूरत थी?

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने एक टीवी चैनल को बताया, 'लोगों से मिलने और उन तक पहुंचने के लिए किसी भी मुख्यमंत्री के लिए बस सबसे आसान जरिया होता है.' उन्होंने यह कहते हुए सरकारी खजाने से निकाले गए पांच करोड़ के खर्च का औचित्य साबित करने की कोशिश की कि मुख्यमंत्री की बस कहीं से भी लग्जरी बस नहीं है. यहां तक कि इसमें बेड तक की सुविधा नहीं है. प्रवक्ता ने कहा कि बस में केवल 12 सीटें है जो इसलिए तैयार की गई हैं ताकि मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान अधिकारियों के साथ बातचीत कर सकें.

कुछ लोगों का कहना है कि महज 3 किलोमीटर की दूरी हेलिकॉप्टर से तय किए जाने के बाद बाद केसीआर की चौतरफा आलोचना हो रही है. उसके बाद इन्होंने फिर से ऐसा काम कर दिखाया है. ऐसा भी नहीं है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के पास अपनी गाड़ी नहीं है.

उनके पास सरकारी गाड़ियों का एक काफिला है जिसकी जगह उन्होंने बुलेट प्रूफ लैंड क्रूसर प्राडो रखी है और इसके साथ ही उनके काफिले में पांच बुलेट प्रूफ टोयोटा फॉर्च्यूनर भी है. इसके लिए तेलंगाना के खजाने से 6.85 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. तेलंगाना की वित्तीय हालत ठीक नहीं है और ऐसे में सरकार की प्राथमिकता का अंदाजा इन शाही खर्चों को देखकर लगाया जा सकता है. 

23 से 27 दिसंबर के बीच केसीआर की सीधी निगरानी में सरकार धार्मिक समारोह का आयोजन करेगी जिसमें 5,000 से अधिक पुजारी भाग लेंगे और 100 यज्ञ किए जाएंगे

एक तरफ तो सरकार ने मंगलवार को 443 ग्रामीण मंडलों में से 231 को सूखा प्रभावित घोषित करते हुए केंद्र सरकार से राहत और बचाव के उपायों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की रकम मांग है. वहीं दूसरी तरफ सरकार अपनी पूरी ताकत यज्ञ और धार्मिक आयोजनों में खर्च कर रही है.

23 से 27 दिसंबर के बीच केसीआर की सीधी निगरानी में सरकार धार्मिक समारोह का आयोजन करेगी जिसमें 5,000 से अधिक पुजारी भाग लेंगे और 100 होम किए जाएंगे. इसके साथ ही 700 मंत्रों की मदद से पांच दिनों तक कर्मकांड का संचालन किया जाएगा. 

अयुथा चंडी महा यज्ञनम में तेलंगाना सरकार के खजाने से कम से कम तीन करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है

केसीआर ने दरअसल खुदकुशी करते किसानों को केंद्र सरकार के भरोसे मरने के लिए छोड़ दिया है. और वह अपना पूरा ध्यान भारत के सबसे बड़े यज्ञ आयोजन में लगा रहे हैं. यज्ञ समारोह के खत्म होने के बाद केसीआर को समय मिला तो अपने मर्सिडीज बेंज की छत से लोगों का शुक्रिया जरूर अदा करेंगे.

First published: 29 November 2015, 9:06 IST
 
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