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प्रशांत भूषण: 'बेईमान' केजरीवाल निजी हित के लिए मोदी से हाथ मिला सकते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2016, 15:16 IST

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रशांत भूषण ने अपने पुराने सहयोगी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बेईमान होने का आरोप लगाया है.

अमेरिकी दौरे पर गए भूषण ने कहा उन्हें इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि केजरीवाल व्यक्तिगत हित के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं. भूषण ने कहा, 'इस बात का अफसोस है कि केजरीवाल की इस फितरत के बारे में उन्हें पहले पता नहीं चल पाया.' एक सवाल के जवाब में उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल की दिलचस्पी भ्रष्टाचार से लड़ने में नहीं है.

पिछले साल मार्च में आम आदमी पार्टी ने प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और दो अन्य को पार्टी विरोधी गतिविधियों और 'घोर अनुशासनहीनता' के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

इसके बाद प्रशांत भूषण ने योगेंद्र यादव के साथ मिलकर स्वराज अभियान की नींव रखी है. प्रशांत भूषण का कहना है, ‘केजरीवाल ने मेरे और योगेंद्र जैसे लोगों का इस्तेमाल विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किया. इस दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आप के निर्णय लेने वाले निकायों में उनका बहुमत हो, ताकि वह अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ सकें.'

भ्रष्टाचार से जुड़े एक सवाल पर भूषण ने कहा कि केजरीवाल का हाल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसा है. इन दोनों ने खुद कभी पैसा नहीं लिया, लेकिन अपने आस-पास मौजूद लोगों को पैसे लेने की अनुमति दी.

आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने के सवाल पर भूषण ने कहा कि उनका संगठन स्वराज अभियान राजनीति में उतरने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि इसमें एक साल का समय लगेगा.

भूषण ने बताया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस की तुलना में कहीं ज्यादा बुरी होगी. उन्होंने आम आदमी पार्टी को सिद्धांतविहीन और अराजक बताया.

भूषण ने बताया कि चुनावी राजनीति में शामिल होने से पहले स्वराज अभियान खुद के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र के सिद्धांत स्थापित करना चाहती है. उन्होंने कहा, 'आप के मामले में हमने जो गलतियां की हैं हम उन्हें दोहराना नहीं चाहते हैं.'

First published: 24 May 2016, 15:16 IST
 
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