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इंसान बना जानवर: आवारा कुत्तों के हमले में बुजुर्ग की मौत, 90 कुत्तों की पीट-पीटकर हत्या

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 October 2016, 12:13 IST
(न्यूज़ मिनट)

केरल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. मामला राजधानी तिरुवनंतपुरम के वरकला इलाके का है. जहां आवारा कुत्तों के हमले में एक शख्स की मौत के बाद यहां लोगें ने साबित कर दिया कि इंसान से बड़ा जानवर कोई नहीं होता.  

खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले एक शख्स के साथ स्थानीय लोगों के समूह ने आवारा कुत्तों को ढूंढ़-ढूंढ़कर मौत की नींद सुला दिया. दरअसल 90 साल के बुजुर्ग राघवन पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई. 

जोस मवेली की अगुवाई में हमला

स्थानीय मीडिया के मुताबिक जनसेवा शिशुभवन संगठन के अध्यक्ष जोस मवेली के नेतृत्व में वरकला के लोगों ने आवारा कुत्तों पर हमला बोल दिया. इसमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं.

बताया जा रहा है कि एक ही दिन के अंदर 90 आवारा कुत्तों को पीट-पीटकर मार डाला गया. यही नहीं जब पुलिस ने जोस मवेली को गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो लोगों ने पुलिस अफसरों को बैरंग लौटा दिया.

'कुछ भी गलत नहीं किया'

इस मामले में वरकला पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर का कहना है, "हम सुबह दस बजे घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक वो अपना काम कर चुके थे. हमने जोस मवेली समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है."

लोगों के बीच घिरे जोस मवेली से जब सवाल पूछा गया तो उसने कहा, "मैं स्थानीय लोगों के बुलाने पर यहां आया था. मैं निर्दोष हूं. मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. यह लोग मेरी गिरफ्तारी नहीं होने देंगे."

सितंबर में भी कुत्तों का हुआ संहार

इससे पहले अगस्त में आवारा कुत्तों ने एक महिला को अपना शिकार बनाया था. यह घटना तिरुवनंतपुरम सचिवालय से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित पुल्लुविला में हुई थी. 65 साल की महिला शीलुअम्मा जब समुद्र तट के पास बने शौचालय में गई थी, तभी दर्जनों कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया.

आवारा कुत्तों को मारने के लिए केरल में पहले भी लोग खौफनाक कदम उठा चुके हैं. सितंबर में एक सियासी पार्टी ने तो अभियान चलाकर कुत्तों को मार डाला था. यही नहीं नृशंस हत्या के बाद कुत्तों के शव को खंभे पर लटका दिया गया था.

आवारा कुत्तों को मारने का समर्थन

वरकला के एक स्थानीय नागरिक का कहना है, "मेनका गांधी जैसे मंत्रियों के लिए आवारा कुत्ते खतरनाक नहीं हैं, क्योंकि वे एयर कंडीशंड कार में चलते हैं. आम इंसान रोजाना ऐसी समस्या का सामना करता है."

केरल में आवारा कुत्ते एक बड़ी समस्या हैं. कई संगठन कुत्तों को मारने वाले लोगों का समर्थन करते हैं यहां तक कि वे उनको कानूनी मदद भी मुहैया कराते हैं. हालांकि सवाल यह है स्थानीय नगर निगम या प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहा है. वरकला का खौफनाक मामला इंसानियत पर काले धब्बे की तरह है.

First published: 28 October 2016, 12:13 IST
 
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