Home » इंडिया » Kerala becomes first Indian state that declares internet as basic human right
 

Digital Kerala: बुनियादी मानवाधिकार में Internet को शामिल किया

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 March 2017, 14:01 IST

भारत के सबसे शिक्षित राज्य केरल ने अभी-अभी सभी नागरिकों के लिए भोजन, शिक्षा और पानी की ही तरह इंटरनेट एक्सेस को मौलिक मानवाधिकार घोषित कर दिया है. राज्य ने अपने बजट में एक योजना पेश की है जिसका लक्ष्य है कि बेहद सस्ते दामों में सभी को इंटरनेट कनेक्शन देने के साथ 20 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त में इसकी सुविधा दी जाए.

जहां केरल ने यह कदम बिल्कुल सही दिशा में बढ़ाया है, यूनाइडेट नेशंस ने भी सिफारिश की थी कि हर देश को इंटरनेट एक्सेस देने के साथ ही इसे बुनियादी मानवाधिकार घोषित करना चाहिए. नागरिकों के मूल अधिकार, बुनियादी अधिकारों से अलग हैं जिन्हें भारतीय संविधान में घोषित किया गया है.

आज के तेजी से बढ़े डिजिटल दौर में जब सरकार कैशलेस इकॉनमी की तरफ बढ़ने के अभियान के साथ ही ई-गवर्नेंस और डिजिटाइजेशन को बढ़ावा दे रही है, ऐसे इंटरनेट एक्सेस सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है.

केरल सरकार ने इस बात को समझा कि बिना सभी को इंटरनेट एक्सेस दिए हुए डिजिटाइजेशन की पहल का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा, यह कदम उठा लिया.

 

इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा करते हुए केरल के वित्त मंत्री थॉमस आईजैक ने कहा, "इंटरनेट अब लोगों का एक अधिकार बन गया है और 18 महीने के भीतर 100 करोड़ रुपये की लागत से K phone nework के जरिये इंटरनेट गेटवे का सेटअप कर लिया जाएगा."

इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत इंटरनेट एक्सेस हर नागरिक का अधिकार बन जाएगा और राज्य सरकारी और गैर-सरकारी दोनों सेवाओं को कंप्यूटर्स और मोबाइल फोनों के जरिये उपलब्ध कराएगी.

इसके लिए एक नया ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (K Fon) प्रस्तावित किया गया है जिसे मौजूदा KSEB इलेक्ट्रिक पॉवर नेटवर्क के समानांतर ही 1,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा. यह परियोजना पूरा होने में तकरीबन 18 माह का वक्त लगेगा.

इस परियोजना के अंतर्गत सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, पुस्तकालयों, अक्षय केंद्रों और जनसेवा केंद्रों में वाई-फाई ट्रांसमिशन केंद्र लगाए जाएंगे.

थॉमस आईजैक के मुताबिक, "अनुमान है कि 2017-18 तक सभी सरकारी लेनदेन IT आधारित हो जांगे. इसके लिए मूलभूत इंटरनेट सेवा की उपलब्धता मुहैया करना बहुत जरूरी है."

First published: 18 March 2017, 13:58 IST
 
अगली कहानी