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केरल में फिर बरपा कुदरत का कहर, बाढ़ के बाद अब सूखे की चपेट में कई इलाके

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2018, 10:42 IST
(File Photo)

केरल में बाढ़ के कहर से लोगों को अभी तक पूरी तरह से राहत नहीं मिली थी कि राज्य के कई इलाकों में एक और आपदा ने दस्तक दे दी. अंधाधुंध बारिश से लाखों घर उजड़ने के बाद अब कुदरत केरल पर सूखे का कहर बरपा सकती है. राज्य की कई नदियां और कुएं अप्रत्याशित रूप से सूख रहे हैं. इस अप्रत्याशित घटना ने एक बार फिर से राज्य सरकार को चिंता में डाल दिया है.

इसके लिए राज्य सरकार ने बाढ़ के बाद के हालातों पर वैज्ञानिक अध्ययन कराने का निर्णय किया है. बाढ़ प्रभावीर केरल में अचानक तापमान बढ़ने के कारण ही राज्य के कई इलाकों के कुओं और नदियों के सूखने की खबर से राज्य सरकार परेशान है.

इस अप्रत्याशित घटना के लिए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद को घटनाक्रम का अध्ययन करने और समस्या का संभावित समाधान बताने का निर्देश दिया है.

केरल में बाढ़ से आई त्रासदी के बाद एक के बाद अन्य प्राकृतिक घटनाएं घाट रही हैं जो कि सामान्य नहीं हैं. बाढ़ में पानी से डूबे इलाकों में अचानक तापमान का इतना बढ़ना जिससे कि नदियां और कुएं सूखने तक की नौबत आ गयी. इसी के साथ अन्य जलाशयों में भी गिरावट दर्ज की गई है. इलाके से केंचुओं का सामूहिक रूप से खात्मा भी केरल सरकार के लिए चिंता का विषय है.

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केरल में आयी बाढ़ ने समृद्ध जैव विविधता के लिए मशहूर वायनाड जिले को तबाह कर दिया. किसानों का मानना है कि भारी मात्रा में केंचुओं के मरने से ही जमीन के भीतर का पानी सूख रहा है.

पिछले महीने पेरियार, भारतपुझा, पंपा और कबानी समेत कई नदियां बाढ़ के दिनों में उफान पर थी लेकिन अब उनका जलस्तर असामान्य तौर पर घट रहा है. बाढ़ के कारण कई इलाकों की भूसंरचना में भी बदलाव देखने को मिला है.

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इस गंभीर आपदा को लेकर राज्य के मुख्य मंत्री विजयन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जल स्तर में गिरावट, भूजल में परिवर्तन और जमीन में पड़ी दरारों के अध्ययन का काम जल संसाधन प्रबंधन केंद्र को सौंपा गया है.’

First published: 13 September 2018, 10:42 IST
 
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