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महाराष्ट्र के सेक्स वर्कर्स ने केरल बाढ़ पीड़ितों को दान किये 21,000 रुपये, जुटाएंगे और भी पैसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2018, 11:56 IST

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में सेक्स वर्कर्स के एक समूह ने केरल में बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 21,000 रुपये दान किए हैं. पीटीआई के अनुसार गैर-लाभकारी स्नेहालय के संयोजक दीपक बुराम ने कहा कि वे महीने के अंत तक इस कार्य के लिए 1 लाख रुपये जुटाएंगे. जो शहर में सेक्स श्रमिकों के साथ काम करते हैं. समूह ने प्रधानमंत्री राहत निधि के लिए तैयार किए गए चेक के माध्यम से दान किया. उन्होंने सोमवार को जिला के निवासी डिप्टी कलेक्टर को चेक दिया .उन्होंने कहा कि सेक्स श्रमिकों ने पहले भी राहत कार्यों के लिए धन का योगदान दिया है. जिसमें 2015 में चेन्नई बाढ़ के दौरान, 2004 की सुनामी और 2001 में गुजरात भूकंप शामिल था.

इसके अलावा सोमवार को कोझिकोड के कप्पाद बीच के 13 मछुआरों ने एर्नाकुलम में बाढ़ पीड़ितों के लिए 2 लाख रुपये की सुविधाओं को खरीदने के लिए एक दान संग्रह अभियान आयोजित किया था. हाल के दिनों में विभिन्न राज्य सरकारों ने राहत कार्य को दान दिया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश राहत निधि में भी योगदान देंगे.

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ प्रभावित राज्य केरल को 10 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है . उन्होंने कहा ''वह आम आदमी विधायकों और सांसदों के एक महीने के वेतन को राज्य को देंगे. कांग्रेस सांसदों और विधायकों ने भी एक महीने का वेतन दान करने की बात कही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 करोड़ रुपये की सहायता की भी घोषणा की है और इसी तरह ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बोट के साथ 245 अग्निशमन कर्मियों के साथ 5 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की. कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित केरल के लिए अपने संबंधित मुख्यमंत्री राहत निधि से राहत की घोषणा की है.

8 अगस्त से राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 223 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. केंद्र ने केरल के लिए 600 करोड़ रुपये की राहत सहायता की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने कहा "हमें सबसे पहले राज्य में सड़कों का पुनर्निर्माण करना है. इसके लिए लगभग लागत 10,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी. इसके बाद घरों का निर्माण करना होगा. बारिश से लगभग 1 लाख घर क्षतिग्रस्त हो गए है. राज्य सरकार को प्रत्येक पर 4 लाख रुपये खर्च करना होगा. केरल में बिजली और जल कनेक्शन की बहाली के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे''.

थॉमस इसाक ने कहा कि केंद्र सरकार को विभिन्न योजनाओं के तहत धन जारी करने के लिए आगे आना होगा. मिसाल के तौर पर राज्य में पक्के घरों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी धन जारी करने के लिए केंद्र के नियमों में बदलाव की जरूरत होगी.

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First published: 22 August 2018, 11:56 IST
 
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