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केरल हाईकोर्ट ने त्रिशूर महोत्सव में आतिशबाजी की इजाजत दी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

आतिशबाजी के चलते पुत्तिंगल मंदिर में हुए हादसे को अभी पखवारा भी नहीं बीता है. इस हादसे में 110 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 200 के करीब लोग घायल हो गए थे. लेकिन केरल हाईकोर्ट को शायद आतिशबाजी अभी भी हदसे की वजह नहीं लगती.

17 अप्रैल को मशहूर त्रिशूर पुरम महोत्सव में केरल हाईकोर्ट ने एक बार फिर से आतिशबाजी की इजाजत दे दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार हाईकोर्ट ने कहा है कि कोल्लम त्रासदी आपदा प्रबंधन टीम की अक्षमता का परिणाम है, इसीलिए पटाखों पर बैन की इजाजत नहीं दी जा सकती.

त्रिशूर पुरम उत्सव के आयोजन में अड़चनें पैदा करने के व्यापक आरोपों के बीच केरल सरकार ने कहा है कि उत्सव के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

त्रिशूर पुरम का उत्सव ढोल-नगाड़ों के बीच हाथियों के भव्य जुलूस और आतिशबाजी के लिए जाना जाता है. राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा है कि पूरे राज्य में पटाखों पर बैन की इजाजत नहीं दी जा सकती है.

इससे पहले मंगलवार को केरल हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मंदिर के आयोजनों में तेज धमाका करने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. कोल्लम हादसे के बाद ऐसे पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी.

हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए तेज आवाज करने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया. कोर्ट ने सभी पूजा स्थलों पर सूर्यास्त के बाद से लेकर सूर्योदय तक आतिशबाजी को प्रतिबंधित किया है.

रविवार को कोल्लम जिले में पुत्तिंगल मंदिर में भीषण आग लगने से 110 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

हादसे के वक्त पुत्तिंगल मंदिर में वार्षिकोत्सव समारोह चल रहा था जिसके कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में जमा थी. समारोह के समापन के अवसर पर आतिशबाजी की परंपरा है.

आतिशबाजी के दौरान ही सुबह साढ़े तीन बजे आग लग गई. जिला प्रशासन के मुताबिक मंदिर को आतिशबाजी की इजाजत नहीं थी इसके बावजूद वहां भारी मात्रा में आतिशबाजी का इंतजाम रखा गया था.

First published: 15 April 2016, 12:01 IST
 
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